होशंगाबाद : आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में मतदान ईव्हीएम मशीन के द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा वीवीपेट मशीन भी रहेगी। वीवीपेट मशीन में मतदाता अपना डाला हुआ मत देख सकेगा। मतदाता वीवीपेट मशीन में 7 सेंकेण्ड तक अपना मत देख सकेगा इससे डबल पुष्टि हो जाएगी कि मतदाता ने जिस दल या प्रत्याशी को अपना मत दिया है वह उसे सही तरीके से मिल गया है। वीवीपेट मशीन में प्रत्याशी का नाम, उसकी संख्या एवं क्रमांक सहित अंकित होकर 7 सेंकेण्ड तक उभरता है इसके बाद उस प्रत्याशी के नाम की पर्ची वीवीपेट मशीन के बॉक्स में कटकर गिर जाती है।
सोमवार को नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव एवं कमिश्नर कार्यालय परिसर स्थित सभी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष वीवीपेट मशीन का प्रदर्शन किया गया। बताया गया कि चुनाव लडने वाले उम्मीदवारों की सूची जैसे ही जारी होगी वैसे ही वीवीपेट मशीन में उम्मीदवारों का नाम, चुनाव चिन्ह सेट कर दिया जाएगा। मास्टर ट्रेनर पंकज दुबे ने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को वीवीपेट मशीन का प्रयोग करना सिखाया सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्यक्ष में वीवीपेट मशीन का प्रयोग करके देखा।
स्वयं कमिश्नर उमराव ने ईव्हीएम का प्रयोग कर वीवीपेट मशीन में अपना मत पर्ची का अवलोकन किया। पंकज दुबे ने बताया कि वीवीपेट मशीन का डिजाइन 2013 में पारित हुआ सबसे पहले 4 सिंतबर 2013 को नागालैंड के विधानसभा क्षेत्र नोकसन में वीवीपेट मशीन का प्रयोग किया गया। म.प्र. विधानसभा चुनाव में वीवीपेट एम-3 मशीन का प्रयोग किया जाएगा। इस मशीन में 2 हजार मत पर्ची की क्षमता है। यदि एक साथ एक विधानसभा से 383 प्रत्याशी भी निर्वाचन में खडे हो जाएं तो वीवीपेट मशीन के माध्यम से 24 टोल यूनिट के माध्यम से चुनाव कराये जा सकते हैं। मशीन में ऑप्टीकल सेंसर लगे हुए हैं मशीन का उपयोग तेज लाईट तथा तेज धूप में नहीं किया जाता है। वीवीपेट मशीन की पर्ची 5 साल तक सुरक्षित रखी जा सकती है। पर्ची थर्मल पेपर पर पिं्रट होकर आती है तथा कन्ट्रोल यूनिट से ही वीवीपेट मशीन ऑन होती है।
प्रदर्शन के दौरान अपर आयुक्त आशकृत तिवारी, उपायुक्त राजस्व मनोज मालवीय, संयुक्त उपायुक्त विकास राजेन्द्र सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी आदित्य कुमार रिछारिया और कमिश्नर कार्यालय स्थित सभी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद थे।