होशंगाबाद: म.प्र. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की संभागीय विशेष बैंच सर्किट हाउस में लगी l बाल आयोग की चार सदस्यीय टीम ने बाल अधिकार से जुड़े अपराध जैसे लंबित मामलों में सख्ती से संज्ञान लेते हुए कुछ एक अफसरों पर कर्त्तव्य विमुख होकर की जा रही कार्यवाहीयों को लेकर खासी नाराजगी जताई है l संभागीय बैंच में जिला कलेक्टर कार्यालय से जुड़े मामलों के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के 5 मामलों में संज्ञान लेते हुए सख्ती से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं l आयोग की टीम से पहुंचे बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य श्री ब्रजेश चौहान, श्रीमती अमिता जैन, श्रीमती निर्मला बारेला, श्री आशीष कपूर एवं आयोग के अन्य कर्मचारियों सहित जिला शिक्षा अधिकारी भी सर्किट हाउस में उपस्थित रहे l
दोपहर बाद आयोग की बैंच में (आर.टी.ई.) से जुड़ा इटारसी के अग्रवाल पब्लिक स्कूल (निजी विद्यालय) की लम्बे समय हो रही जाँच व कार्यवाही से असंतुष्ट शिकायतकर्ता दशरथ चौधरी ने बैंच में अधिकारियों को अपनी आप बीती खुलकर बताई l अभी तक उसकी शिकायतों पर हुई कार्यवाही की आर.टी.आई. से प्राप्त जानकारी भी दिखाई l तमाम शिकायत आवेदनों पर सालभर से चल लीपापोती वाली कार्यवाही से पूरी तरह अवगत कराया l अ.प.स्कूल संचालक एकाउंटेंट के साथ जब मामले से जुड़े फ़ीस रजिस्टर, अटेंडेंस रजिस्टर सहित रिकार्ड लेकर सर्किट हाउस पहुंचे तो पहले डी.ई.ओ साहब ने रिकार्ड चेक किया तब तक तो सब कुछ ठीक था l आयोग की बैंच में अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से बच्चों के स्ट्रेंथ के विषय में जानकारी लेते हुए जब हाजरी रजिस्टर और फी-रिकार्ड का बारीकी से अवलोकन करते हुए स्कूल प्रबंधन से फी-स्ट्रक्चर माँगा तो स्कूल संचालक और अकाउंटेंट दोनों ही नहीं दे सके चुपचाप बगलें झांकते नज़र आये l
शिकायत को लेकर स्कूल पर आर.टी.ई. के बच्चों से फ़ीस मांगने को लेकर आरोप लगा था और स्कूल रिकार्ड में A को P और P को A कर दोनों बच्चों को परीक्षा से वंचित करने के लिए रजिस्टर में छेड़छाड़ की बात भी आयोग की बैंच में सामने आई है l स्कूल के रजिस्टरों में काट-छाट पर भी अग्रवाल बंधू मात्र सफाई ही दे पाए हैं l जिला शिक्षा अधिकारी भी अपने रिकार्ड के साथ बाकायदा पूरे समय उपस्थित रहे l कभी स्कूल की तरफदारी तो कभी शिकायत पर कार्यवाही को लेकर चर्चा करते देखे गए l आयोग ने मामले में डी.ई.ओ. साहब की क्लास लेते हुए लम्बे समय तक जाँच और जाँच के बाद भी कार्यवाही का निर्धारण नहीं करने को लेकर आयोग की बैंच में कार्यवाही को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं l