होशंगाबाद :  अगस्त को शहीद सम्मान दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन होशंगाबाद जिले के शहीद आरक्षक स्व. अरूण कुमार चौबे के परिवार के सम्मान समारोह पर उनके घर पहुंचा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक  केसी जैन, कलेक्टर प्रियंका दास एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना सहित पुलिस के अधिकारीगण शहीद सम्मान दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए।

              सम्मान समारोह में शहीद अरूण कुमार चौबे के माता एवं पिता, पत्नी तथा पुत्र का विधानसभा अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने एवं पुलिस महानिरीक्षण जैन ने शाल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया तथा शहीद चौबे के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब भी हम पुलिस की कठिन ड्यूटी की कल्पना करते हैं तो हमारा मन सहम जाता है कि पुलिस अधिकारी कितने साहसी हैं जो जान पर खेल कर भी आम नागरिकों की रक्षा करते हैं।

              डॉ. शर्मा ने शहीद अरूण चौबे के परिवार के सदस्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और कहा कि चौबे को शहीद हुए 15 साल हो गए हैं। उनके माता पिता एवं सहधर्मिणी ने इतने वर्षों उनकी याद में बिताया है। यह सोच कर मन कृतज्ञता से भर जाता है। पुलिस महानिरीक्षक जैन ने कहा कि शहीद अरूण चौबे एक मिशाल है देश सेवा एवं कृर्तव्य निष्ठा की। उन्होंने कहा कि शहीद चौबे के परिवार को जो भी आवश्यकता होगी पुलिस प्रशासन उनकी हर संभव सहायता करेगा। कलेक्टर प्रियंका दास ने कहा कि शहीद का परिवार अपनी आवश्यकता उन्हें बेझिझक बता सकता है। जिला प्रशासन उनकी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता से करेगा। पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने कहा कि स्व. चौबे के परिवार के साथ सभी की सहानभूति है और आवश्यकता पडने पर उनकी हर संभव सहायता की जाएगी।

              उल्लेखनीय है कि आरक्षक अरूण चौबे का जन्म 1975 में हुआ था और वे पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ रहे। अपनी पद स्थापनाओं के दौरान जिले में अपराधियों को पकडने में उन्होंने विशेष भूमिका निभाई। उन्हें कई अवसरों पर नगद पुरस्कार एवं प्रशंसा प्राप्त हुई। चौबे 17 जनवरी 2003 की दरम्यानी रात को थाना अब्दुल्लागंज में पदस्थ थे एवं रात्रिकालीन गस्त में थे। मंडीद्वीप से उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि गोहरगंज की ओर से एक संदिग्ध वाहन देखा गया है उस समय हाईवे पर बदमाशों की गति विधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही थी अत: घने कोहरे के पश्चात भी शहीद अरूण चौबे अपने 2 साथियों के साथ शासकीय वाहन से तुरंत घेरा बंदी हेतु गोहरगंज की ओर गए। रास्ते में उनके वाहन को ट्रक द्वारा टक्कर मारी गई इस दुर्घटना में घायल होकर इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के पश्चात उनके पुत्र आयुष चौबे को बाल आरक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था जो वर्तमान में आरक्षक के पद पर पदस्थ होकर पुलिस प्रशिक्षण संस्थान सागर में प्रशिक्षणरत हैं।