होशंगाबाद : नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के सभी डीपीएम, डीसीएम, एमएईओ तथा बीसीएम की संयुक्त बैठक ली। कमिश्नर ने हिरण्यगर्भा मातृ मुस्कान अभियान के तहत चिकित्सकों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही गृह भेंट की समीक्षा की। कमिश्नर ने सभी अधिकारियो को निर्देश दिए कि वे भ्रमण की मासिक रिपोर्ट दें एवं प्रत्येक स्तर पर आंकडों की समीक्षा करें। उल्लेखनीय है कि गर्भवती महिलाओं की जितनी संख्या है उसके आंकडे सही तरीके से दर्ज नहीं हैं। एएनएम द्वारा कभी कभी पंजीयन के कार्य में लापरवाही बरती जाती है।
उसी को देखते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि एएनएम, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाए। कई बार एएनएम गर्भवती महिला के हाईरिस्क होने की जानकारी नहीं दे पाती है, कई बार एएनएम के पास संसाधन उपलब्ध नहीं रहते हैं जिससे वो गर्भवती महिला का बीपी, शुगर, हीमोग्लोबिन चैक कर सके। कमिश्नर ने स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि वर्तमान में गर्भवती महिलाओं की अनुमानित संख्या से कम की जानकारी आ रही है। यह स्थिति सुधरनी चाहिए यदि एएनएम ने गर्भवती महिला का पंजीकरण नहीं किया है तो प्राथमिकता से गर्भवती महिला का पंजीकरण करें। सभी चिकित्सक सप्ताह में जो रिपोर्ट ग्राम एवं सेक्टर से आ रही है उसका विश्लेषण कर आंकड़े निकालें। सभी डीपीएम आंकडे संधारित कर चिकित्सकों को उपलब्ध करायें ताकि समय रहते ही इन हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का उपचार किया जा सके।
कमिश्नर ने ग्रामवार एवं वॉर्डवार जनसंख्या के आधार पर गर्भवती महिला की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए और कहा कि गर्भवती महिला की जो जानकारी एएनएम द्वारा दी जा रही है उसकी चिकित्सक समीक्षा करें कि ग्रामवार एवं वॉर्डवार गर्भवती महिला के आंकडे कम क्यों हैं।
कमिश्नर उमराव ने बैठक में पिछले तीन सप्ताह मे प्राप्त साप्ताहिक रिपोर्ट में आ रहे अंतर को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने साप्ताहिक भ्रमण पंजीयन प्रतिवेदन में 25 प्रतिशत से कम प्रगति के संबंध में चर्चा की और निर्धारित प्रारूप में आंकडे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि चिकित्सक कम पंजीयन के कारणों का जवाब दें। उन्होने उन चिकित्सकों जिनकी भ्रमण रिपोर्ट में पिछले 3 सप्ताह से कोई प्रगति परिलक्षित नहीं हुई है उसके संबंध में चर्चा की और निर्देश दिए कि अगले सप्ताह से प्रगति रिपोर्ट में प्रगति मिलनी चाहिए। उन्होंने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के संबंध में तथा बैतूल की रिपोर्ट में हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के मोबाईल नंबर नहीं होने से उनसे संपर्क नहीं हो पाने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों का नंबर अपडेट रखा जाए ताकि निरंतर उनसे संपर्क रखा जा सके। उन्होंने कई गर्भवती महिलाओं के प्रसव के बाद भी उनके नाम डिलीट नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि इस स्थिति को सुधारा जाए।