नरसिंहपुर : एक ओर जहाँ गोसेवा और गोरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किये जा रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ गाँव-गाँव आवारा गायों का जमावड़ा देखा जा सकता है l आलम यह है कि गायों के झुंड गली चौराहो और सड़कों पर देखे जा सकते है l

             कुछ लोग अपनी पालतू गायों को भी गाॅव में चरने छोड देते है और जब दूध देने लायक हो जाती है तो घर में बाॅध लेते है । आजकल इन्ही गायों की तादाद का फायदा ग्राम के 4-5 कुत्ते उठा रहे है । यह कुत्ते गाय के 0-1 साल के छोटे बछडो को अपना शिकार बना रहे है । यह कुत्ते इन बछडो पर टूट पडते है और इन्हे मारकर खा जाते है । अभी तक ऐसे 5 प्रकरण देखे जा चुके है । इन कुत्तो में 2 काले व बाकी के पीले भूरे रंग के कुत्ते है जो अक्सर प्रातः 5-6 बचे काॅलेज ग्राऊंड के आसपास बछडो को शिकार बनाते है । शीघ्र ही इस प्रकार की घटना पर कोई ठोस कार्यवाही की जरूरत है यह कुत्ते बहसी हो गये है और वो दिन दूर नहीं जब यह इंसानो के छोटे बच्चो पर भी हमला कर सकते है ।