होशंगाबाद :  दिव्यांगजनों को विकास की मुख्य धारा से जोडने के उद्देश्य से दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में संशोधन किया गया है। अब 21 प्रकार की दिव्यांगता को अधिनियम के तहत मान्यता प्रदान की गई है। इसमें एसिड अटैक से पीड़ित व्यक्तियों को भी दिव्यांगता में शामिल किया गया है। इन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

      आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिनियम में पूर्व में प्रचलित सात प्रकार की दिव्यांगताओं के स्थान पर अब 21 प्रकार की दिव्यांगताएं शामिल की गई हैं। अधिनियम के अंतर्गत दिव्यांगता के 21 प्रकार एवं उनके लक्षण जैसे- चलन दिव्यांगता, बौनापन, मांसपेशी दुर्विकास, तेजाब हमला पीडित, दृष्टि बाधित, अल्प दृष्टि, श्रवण बाधित, कम/ऊँचा सुनना, बोलने एवं भाषा की दिव्यांगता, कुष्ठरोग, प्रमस्तिष्क घात, बहु दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने की दिव्यांगता, स्वलीनता, मानसिक रूग्णता, बहु स्केलेरोसिस, पार्किंसंस, हेमोफीलिया, थैलेसीमिया, सिकल कोशिका रोग शामिल हैं।