होशंगाबाद :  शनिवार को जिला मुख्यालय होशंगाबाद के सेंट्रल ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक एवं अन्य बैंकर्स के लिये डेयरी उद्यमिता विकास योजना से  संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पशु पालन विभाग के उप संचालक संजय अग्रवाल, अग्रणी बैंक प्रबंधक आरके त्रिपाठी एवं सेंट्रल ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके तिवारी मुख्य रूप से मौजूद थे।

              कार्यशाला अवसर पर डॉ. संजय अग्रवाल द्वारा डेयरी उद्यमिता विकास योजना के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि शासन की इस योजना के माध्यम से हितग्राही को तत्काल आमदनी मिलनी प्रारंभ हो जाती है तथा दूध की मांग इस समय आपूर्ति से अधिक है। परिणामस्वरूप उत्पादन का मूल्य भी स्थानीय स्तर पर बहुत अच्छा मिला जाता है। इसलिये इस योजना के व्यापक प्रचार प्रसार से अधिक से अधिक हितग्राहियों को जोडकर दूध उत्पादन को बढावा देना होगा। उन्होंने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की बारीकियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

              जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक त्रिपाठी ने बैंक द्वारा इस योजना के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर बल देते हुए बताया कि किड्स योजना में शासन की ओर से सब्सिडी पुन: प्रारंभ कर दी गई है। वर्तमान में शासन द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिये 33.33 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग के लिये 25 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। ग्रामीण बैंक के प्रबंधक एसके तिवारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को इस योजना में दिये वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिये।

             उन्होंने इस योजना में हितग्राहियों का चयन, ऋण वितरण तथा ऋण वितरण पश्चात अन्य बिन्दुओं पर ध्यान देने के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। नाबार्ड के जिला प्रबंधक श्री नरेश तिजारे द्वारा इस योजना से संबंधित शाखा प्रबंधकों को विस्तार से जानकारी प्रदान की गई है तथा बैंक शाखा प्रबंधकों के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं के जवाब दिये।