होशंगाबाद :  जिला शिक्षा अधिकारी अनिल वैद्य ने जिले के सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकैण्डरी स्कूल के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे विस्थापित ग्रामों के बच्चों को जाति प्रमाण पत्र के अभाव में शाला में प्रवेश से वंचित ना करें। पहले बच्चों को प्रवेश दिया जाए तथा फिर उन्हें समझाइश दी जाए कि लोक सेवा केन्द्र में जाकर समाधान एक दिन योजना के तहत अपना जाति प्रमाण पत्र बनवा लें और शाला में जमा कर दें। इस हेतु उन्हें कुछ दिन का समय दिया जाए।

             उल्लेखनीय है कि गत दिवस जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति दिशा की बैठक में सांसद श्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी इस आशय के निर्देश दिए थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अपनी संस्था के नोटिस बोर्ड पर शाला द्वारा ली जाने वाली फीस जिसमें शाला शुल्क, नामांकन शुल्क, परीक्षा शुल्क एवं अन्य शुल्क शामिल हैं का ब्यौरा राशि सहित अंकित करायें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि समग्र शुल्क एक बार में दिए जाने में पालक या बालक असमर्थता व्यक्त करें तो उसे 2 या 2 से अधिक बार में जैसा प्राचार्य उचित समझे प्राप्त करें। 

            वैद्य ने प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि होशंगाबाद जिले में बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के अंतर्गत निर्धन एवं जरूरतमंद बालिकाएं जो फीस के अभाव में विद्यालय में प्रवेश नहीं ले पा रही हैं या प्रवेश लेने के पश्चात फीस चुकाने में असमर्थ हैं, ऐसी बालिकाओं की सूची तैयार कर 31 जुलाई तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा कार्यालय भेजना सुनिश्चित करे ताकि ऐसी बालिकाओं की फीस की प्रतिपूर्ति सांसद, विधायक एवं कलेक्टर द्वारा की जा सके। वैद्य ने कहा कि कोई भी बालिका फीस के अभाव में प्रवेश से वंचित ना रहे। उन्होंने शाला त्यागी बालिकाओं को भी शाला में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए।