होशंगाबाद :  नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने बुधवार को कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशु चिकित्सा, खाद्य विभाग एवं कृषि उपज मंडी समिति की संभागीय बैठक ली। कमिश्नर ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जिले के प्रमुख स्थानों पर मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना की जानकारी देने के लिए शिविर आयोजित करें। शिविर 20 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित करें। इन शिविरों में किसानों को मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना से मिलने वाले फायदे बतायें।

              कमिश्नर ने कहा कि शिविर आयोजन से पहले इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी किया जाए तथा राजस्व कर्मचारियों का सहयोग भी लिया जाए। बताया गया कि जिले में 32 हजार 292 डिफॉल्टर कृषक हैं। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जब उर्वरक की रैक आनी हो उससे 5 दिन पूर्व ही समितिवार प्लान बना लिया जाए कि किस समिति में कितना उर्वरक लगना हैं। कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय कर उर्वरक कम्पनियों से बात कर उर्वरक की खेप वहीं उतारें जहां इसकी आवश्यकता हो। कमिश्नर ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सभी एसडीएम रेलवे के अधिकारियों से बात कर लिÏफ्टग से संबंधित समस्याएं हल कर लें। श्री उमराव ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नॉन पेमेंट वाली समितियों की जानकारी प्रस्तुत करें।

            बैठक में कमिश्नर ने स्वाईल हेल्थ कार्ड, ग्रीष्मकालीन फसलों का प्रस्तावित लक्ष्य एवं पूर्ति, मूंग उपार्जन पंजीयन का सत्यापन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति आदि की समीक्षा की। उन्होंने वर्ष 2016-17 में खाद्य बीज के कितने अमानक प्रकरण मिले इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि जानकारी में बताया जाए कि कितने प्रकरण अमानक के निरस्त किए गए एवं कितने प्रकरणों में एफआईआर की कार्यवाही की गई। उन्होंने बैठक में मौजूद कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से कहा कि ऐसी तकनीक विकसित की जाए कि कृषि के रोजमर्रा के कार्य आसानी से किए जाएं।

          उन्होंने किसानों की आय दुगुनी करने की कार्य योजना की समीक्षा की। बताया गया कि सिवनीमालवा के ग्राम बनाड़ा, बनखेडी के ग्राम तिन्दवाड़ा, पिपरिया के ग्राम चाकर को प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया है। इन ग्रामों में किसानों की आय दुगुनी करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। बताया गया कि बनाडा में गत 3 वर्षों में लोगों ने नरवाई नहीं जलाई है और ग्राम में 100 कृषक परिवार पशुपालन का कार्य कर आय प्राप्त कर रहे हैं। मल-मूत्र से जैविक खाद तैयार कर उसे अपने खेतों में इस्तमाल कर रहे हैं।

         कमिश्नर ने बैठक में सभी जिला मत्स्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में इन्फ्रा मैपिंग से जो वाटर बॉडी चिन्हित किए गए हैं उन सबका भौतिक सत्यापन कर अगली बैठक में इसका प्रस्तुतिकरण किया जाए। उन्होंने मूंग खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि जो किसान एवं व्यापारी गलत तरीके से मूंग बेचने की कोशिश करते हैं उनके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए। उन्होंने पोस मशीन ठीक कराने में हरदा के जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा कोई रूचि नहीं लेने पर सख्त नाराजगी जाहिर की।

     बैठक में संयुक्त संचालक कृषि श्री बीएल बिलैया, संयुक्त संचालक उद्यानिकी श्री नागर एवं सभी संबंधित अधिकरीगण उपस्थित रहे।