होशंगाबाद :  जिले में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का नतीजा है कि जिले में प्रीमेच्योर प्रसव की संख्या में काफी हद तक कमी आई है। जिला चिकित्सालय एवं जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में गर्भवती महिलाओं की पर्याप्त देखभाल की जा रही है। हिरण्यगर्भा मातृ मुस्कान अभियान के अंतर्गत नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव एवं जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके चतुर्वेदी को पुरस्कार प्रदान किया गया।

              पुरस्कार के तहत शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। जहांनुमा पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने गत दिवस आयोजित समारोह में कमिश्नर श्री उमराव एवं डॉ. पीके चतुर्वेदी को पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार ग्रहण करने के पश्चात श्री उमराव ने बताया कि होशंगाबाद जिले एवं नर्मदापुरम् संभाग के हरदा एवं बैतूल जिले में भी सुरक्षित मातृत्व की स्थिति अच्छी है। गत माहों से नर्मदापुरम् संभाग के तीनों जिलों में हिरण्यगर्भा मातृ मुस्कान अभियान चलाया जा रहा है।

            इस अभियान का सार्थक परिणाम सामने आया है। संभाग में लगभग 2 हजार 400 अति हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष देखरेख कर उनका सुरक्षित एवं स्वस्थ प्रसव कराया गया है। कमिश्नर ने बताया कि हिरण्यगर्भा अभियान में अब तक शतप्रतिशत हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया है। कमिश्नर ने कहा कि इस अभियान ने अभूतपूर्व जनजागृति का कार्य किया है। अब हाईरिस्क गर्भवती महिला के ससुराल वाले भी महिला के स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो गए हैं।