होशंगाबाद :  मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने अपने 3 दिवसीय पचमढी प्रवास के दूसरे दिन पचमढी में स्थित सूर्य नमस्कार स्थल का अवलोकन किया। साडा द्वारा बनाये गए सूर्य नमस्कार स्थल पर राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने स्वर्ण चम्पा के पौधों का रोपण किया। स्वर्ण चम्पा का पौधा सफेद एवं खुशबूदार होता है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सूर्य नमस्कार स्थल पर जगह-जगह बेल एवं पत्ती के पौधे लगाने के निर्देश दिए और कहा कि बेल एवं पत्ती लगाने से सूर्य नमस्कार स्थल का सौंदर्य बढ़ जाएगा।

              उन्होंने साडा के सी.ई.ओ. नीरज श्रीवास्तव को क्राफ्ट कटिंग द्वारा स्वामी विवेकानंद की आकृति उभार कर बनाने के निर्देश दिए और कहा कि सूर्य नमस्कार स्थल पर पत्थरों पर विभिन्न आकृतियां बनाये जिससे पर्यटक आकर्षित होकर सूर्य नमस्कार स्थल पर आयेंगे। इससे पचमढी के पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सूर्य नमस्कार स्थल पर फर्श पर बने एक्यूपंचर फर्श पर चलकर देखा तथा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री मदन सिंह रघुवंशी को निर्देश दिये कि वे राज भवन पचमढी में भी एक्यूपंचर फर्श बनाये, जिससे प्रति सप्ताह राज भवन आने वाले पर्यटक भी इसका लाभ उठा सके।

             राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सूर्य नमस्कार स्थल पर सीमेंट से बनाये गए हिरन एवं बायसन की आकृति की भरपूर सराहना की और कहा कि अन्य पथरों पर भी इस तरह की विभिन्न आकृतियां बनाई जाए, इससे स्थल की पर्यटन के क्षेत्र में पहचान बनेगी। उन्होंने सूर्य नमस्कार स्थल पर आने वाले पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच बनाने के लिए निर्देश दिए। अवलोकन के दौरान राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राएं करती हुई 12 प्रतिमाओं की सराहना की और कहा कि इन विभिन्न सूर्य नमस्कार करती हुई प्रतिमाओं को देखकर लोगों का रूझान योग और सूर्य नमस्कार की ओर होगा।

          इस अवसर पर अध्यक्ष साबरमती ट्रस्ट जयेश पटेल, अध्यक्ष क्राफ्ट रूटस श्रीमती अनार पटेल, परिसहायक महामहिम विजय राणा एवं सुश्री संस्कृति पटेल ने भी विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया और रोपित किए गए पौधों को प्रेम, सत्य, करूणा एवं नम्रता का नाम दिया।

         अवलोकन के दौरान साडा के सी.ई.ओ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि सूर्य नमस्कार स्थल 17 सितम्बर 2017 को बनकर पूर्ण हुआ हैं, इस स्थल को गूगल मैप से लिए नक्शे के आधार पर बनाया गया हैं और 29 जुलाई को यहा विभिन्न प्रजाति के एवं वनस्पतियों के 500 पौधों का रोपण किया जाएगा। साथ ही आगामी दिनों में म्यूजिक सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस म्यूजिक सिस्टम से स्थल की लाईट चालू होगी। इससे पर्यटक सूर्य नमस्कार स्थल की ओर आकर्षित हो सकेंगे।