होशंगाबाद : नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने आयुक्त सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग, आदिमजाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास परियोजना केसला, बैतूल, भैंसदेही एवं हरदा की तथा लोक स्वास्थ्य एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवाएं व सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली। कमिश्नर ने संभाग के तीनों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे जेईई एवं नीट विषय की तैयारी हेतु छात्रों के विशेष कोचिंग हेतु विशेष अध्ययन केन्द्रों का निर्धारण 15 दिवस में कर आयुक्त कार्यालय को अवगत करायें। कमिश्नर ने जिला शिक्षा अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों का चयन करते समय इस बात की जानकारी विशेष रूप से बतायें कि किस स्कूल का विशेष अध्ययन केन्द्र के रूप में चयनत किया गया है और किस स्कूल को छोड़ दिया गया है।
कमिश्नर ने तीनों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त चेतनावनी दी कि वे अभी तक पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। कमिश्नर ने तीनों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वे स्कूलों की लाइब्रोरी एवं प्रयोग शाला का तत्काल निरीक्षण करें और बतायें कि प्रयोग शाला एवं लाइब्रोरी में क्या क्या कमियां हैं। श्री उमराव ने कहा कि जिन स्कूलों का चयन जेईई एवं नीट की कोचिंग के लिए चिन्हित किया गया था उन स्कूलों में प्रयोग शालाओं की एवं लाइब्रोरी की अद्यतन स्थित क्या है एवं प्रयोग शाला सीबीएसई के मानदंड के अनुसार संधारित हो रहे हैं कि नहीं उसकी जानकारी तत्काल भिजवाएं।
कमिश्नर ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करेंगे कि लाइब्रोरी का संधारण जेईई एवं नीट की परीक्षानुसार किया जा रहा है कि नहीं। कमिश्नर ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिक्षा विभाग का वाट्सअप ग्रुप बनाएं और ग्रुप में प्रतिदिन प्रतिवेदन डालें और बताएें कि नीट एवं जेईई के लिए किन स्कूलों को सिलेक्ट किया गया है। कमिश्नर ने इस बात पर जिला शिक्षा अधिकारियों से सख्त नाराजगी व्यक्त की कि स्कूल शिक्षा विभाग के मेधावी बच्चे भी जेईई एवं नीट में सिलेक्ट नहीं हो पा रहे हैं।
कमिश्नर ने सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 10 प्रतिशत से नीचे, 10 से 20 प्रतिशत के बीच एवं 30 प्रतिशत रिजल्ट देने वाले स्कूलों की सूची तत्काल उपलब्ध करायें। कमिश्नर ने समय पर जानकारी नहीं देने वाले बैतूल एवं होशंगाबाद के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को स्पस्टीकरण नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने टिमरनी एवं हरदा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि टिमरनी एवं हरदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपयंत्री से मस्टर रोल प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। कमिश्नर ने बैतूल में जीयो टैगिंग की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि जिस मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की जीयो टैगिंग 55 प्रतिशत से कम है उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं। श्री उमराव ने खेल मैदान एवं शांति धाम का निर्माण शतप्रतिशत करने पर होशंगाबाद के सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की सराहना की और कहा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारियो ने अद्भुत मेहनत कर बेहतरीन कार्य कर दिखाया है। बैठक में संयुक्त उपायुक्त राजेन्द्र सिंह के सहित सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।