खबर का असर- विगत दिनों बीएमपी न्यूज़ 24 की सुर्ख़ियों में रहते लिमिट क्लोजिंग का गड़बड़झाला अब पुलिस के संज्ञान में आ चुका है l
इटारसी: पंजाब & सिंध बैंक पर लिमिट खाता बंद करने को लेकर कई आरोप लग रहे हैं l मिलीभगत के चलते ग्राहकों की अमानत में खयानत डालने वालों पर सीधे तौर से १ लाख ५ हजार की हेराफेरी के आरोप खुलकर लगे हैं l प्रथम द्रष्टया मामला आर्थिक अनियमितता से जोड़ा जा रहा है l लिमिट धारक सनखेडा निवासी पदम् किशोर चौरे ने पंजाब & सिंध बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक रत्नेश्वर चौधरी पर 3,25000 का चेक लेकर 2,20000 में लिमिट खाता बंद करके 1,05000 हजम करने के आरोप लगाये हैं l इटारसी स्थित पंजाब & सिंध बैंक में उसका लिमिट खाता कार्तिक इन्टरप्राइजेस के नाम से था l शिकायतकर्ता पदम् चौरे ने आवेदन के साथ तथाकथित चेक से जुड़ी बैंक पासबुक, स्टेटमेंट की कापी भी पुलिस को सौपी है l
जानकारी के मुताबिक जिस चेक की बात सामने आ रही है l वह चेक शिकायतकर्ता के करीबी अनिल कुमार चौधरी ने लिमिट बंद करते समय बैंक मैनेजर के कहने पर नाम की जगह खाली छोड़कर 3,25000 भरके बैंक को दिया था l खाता धारक ने लिमिट बनवाते समय बतौर गैरंटी उसके दोस्त की रजिस्ट्री बैंक में गिरवी रखी थी l जो कि लिमिट क्लोज होते ही मैनेजर द्वारा नों-ड्यूस के साथ लौटा दि गई थी l चेक के कैश हो जाने पर शिकायतकर्ता 1,05000 की मांग मैनेजर से करते रहा l करीब 11 महीने लटकाकर रूपये वापस नहीं लौटाने के साथ ही मैनेजर का ट्रांसफर होने से पूरा मामला उजागर हो गया है lऔर भी कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं l
लिमिट क्लोजिंग के समय खाता धारक से लिए गए चेक में नाम की जगह खाली छोड़ने लिए बैंक मेनेजर ने आखिर क्यों कहा ? मैनेजर ने आखिर क्यूँ कहा की वो बाद में रूपये लौटाएगा ? आखिर इस मिलीभगत में बैंक में और कौन-कौन शामिल है ? हालाँकि देखना यह है कि आखिर किस एंगल पर मामले में अब पुलिस विवेचना करेगी ? क्या छत्तीसगढ़ तक जा पायेगी एम पी पुलिस ? बैंक का कहना है की हम 3 महीने से ज्यादा के फुटेज नहीं रखते l जबकि इतनी सुरक्षा के बाद भी लोकधन पर आखिर डाका डल ही गया l मामले को लेकर कई तरह के कयास लगाये जा रहें हैं l पाई पाई का लेखा जोखा रखने वाली बैंक में बड़ी हेराफेरी के आरोपों से खाता धारकों की चिंता बढ़ना स्वभाविक है l