होशंगाबाद :  प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी जुलाई माह में राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2018-19 के तहत म.प्र. शासन लोक शिक्षण संचालनालय के संयुक्त तत्वधान से प्राप्त गाईड लाईन के अनुसार रेड क्रॉस सोसायटी स्वास्थ्य विभाग एवं स्वयं सेवी संगठनों के सहयोग से सभी स्कूली छात्र-छात्राओं के नेत्रों का परीक्षण किया जाना हैं। उक्त कार्यक्रम के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रति संकुल से 2 विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है। विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षण में उपस्थित होने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आदेशित करेंगे।

               प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रत्येक विकासखण्ड पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किया जाएगा। नेत्र परीक्षण कार्यक्रम के तहत 4 चरण निर्धारित किए गए हैं। प्रथम चरण में 9 जुलाई को शासकीय एनजी स्कूल होशंगाबाद में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शिक्षकों को श्री रामनाथ दुलारे, श्री जेपी सोना एवं श्रीमती अनीता बाघमारे प्रशिक्षण प्रदान करेंगें। उत्कृष्ट उमा.वि. बाबई में श्री आर के वर्मा, उत्कृष्ट उमा.वि. सोहागपुर में श्री अशोक शाक्य एवं वीके दाने, उत्कृष्ट उमा.वि. पिपरिया में श्री श्याम सोडानी एवं श्री निलेश इवने, उत्कृष्ट उमा.वि. बनखेडी में श्रीमती सुधा सोनी, एसपीएम हॉस्पिटल ट्रेनिंग सेंटर इटारसी में श्री आरके श्रीवास्तव, विलास नीले एवं शेखर गौर तथा उत्कृष्ट उमा.वि. सिवनीमालवा में श्री एमएल गुप्ता प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण प्रात: 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक दिया जाएगा।

             द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपनी शाला संस्था के समस्त छात्र-छात्राओं का दृष्टि परीक्षण करेंगे। परीक्षण के दौरान दृष्टि दोष से पीडित पाये गए छात्र-छात्राओं की ए-श्रेणी के तहत सूची कक्षा वार तैयार करेंगे एवं अन्य रोग से पीडित पाए गए छात्र-छात्राओं की बी-श्रेणी के तहत सूची कक्षा वार तैयार करेंगे। अपनी रिपोर्ट एकजाई कर नेत्र सहायक को प्रस्तुत करेंगे। शत प्रतिशत बच्चो की दृष्टि परीक्षण हेतु यह कार्य निर्धारित कैलेंण्डर के अलावा पूरे वर्ष भर जारी रहेगा। शहरी क्षेत्र की रिपोर्ट जिला चिकित्सालय के नोडल अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी।

           तृतीय चरण के अंतर्गत नेत्र रोग से पीड़ित पाये गए छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित शिक्षक ए-श्रेणी एवं बी-श्रेणी की सूची खण्ड चिकित्सा अधिकारी शासकीय चिकित्सालय में लेेकर आएंगे ताकि पदस्थ नेत्र सहायकों के द्वारा चश्मे की नंबर की जांच की जा सके। चतुर्थ चरण के अंतर्गत दृष्टि दोष से पीडित पाये गए छात्र-छात्राओं के चश्मे के नंबर की सूची तैयार कर नेत्र सहायक 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से जिला दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।