होशंगाबाद : सभी प्रकार की जन औषधियां और ब्रााण्डेड दवाईयों को रियायती दर पर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सहकारी जन औषधि विपणन संघ का पंजीयन किया गया है। प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना में देश की जनता को रियायती दरों पर जन औषधि उपलब्ध कराने की योजना के तहत सहकारिता विभाग द्वारा जन औषधि संघ का गठन किया गया है।
राज्य सहकारी जन औषधि विपणन संघ मर्यादित के रूप में संचालित होगा। जन औषधि केन्द्र के माध्यम से सभी प्रकार की जन औषधियों और ब्रााण्डेड दवाईयों को 20 प्रतिशत तक रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। सभी जिले एवं विकासखण्ड स्तर पर जन औषधि केन्द्रों का संचालन किया जाएगा। प्रदेश में पहली बार सहकारिता के माध्यम से चिकित्सा लाभ के लिए जन औषधि संघ द्वारा उचित गुणवत्ता की औषधियों के रियायती दर पर विक्रय और भण्डारण की व्यवस्था की जा रही है। जन औषधि संघ का उद्देश्य सभी प्रकार की औषधियो का न्यूनतम मूल्य पर रोगियों को सीधे लाभ दिलाना तथा इलाज को न्यूनतम मूल्य पर सुनिश्चित कराना होगा। जन औषधि संघ विश्व स्तरीय मानक की दवाई कम्पनियों का चयन कर उनकी दवाईयों को रियायती दर पर विक्रय करवाने की व्यवस्था करेंगा। ऑनलाईन डिजिटल मार्केटिंग द्वारा सभी औषधियों के विक्रय का प्रावधान होगा।
वर्तमान में यह व्यवस्था भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर से प्रारंभ की जा रही है जो कि बाद में पूरे प्रदेश में की जाएगी। उन्होंने बताया कि संघ द्वारा विभिन्न रोगियों को चिकित्सा जांच उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक पैथालॉजी एवं चिकित्सालय की व्यवस्था की जाएगी। जन औषधि केन्द्र पैथालॉजी का संचालन कर रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।
जन औषधि संघ द्वारा जन औषधि की गुणवत्ता का चयन के लिए नियमित परीक्षण कराया जाएगा। संघ द्वारा जन औषधि केन्द्र, पैथालॉजी एवं चिकित्सालय का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। जन औषधि केन्द्र के लिए ड्रग लाईसेंस मध्यप्रदेश खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा दिया जाएगा। संघ द्वारा प्रत्येक जिले में व्यापार एवं व्यवसाय के रूप में तकनीकी प्रशिक्षुओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। चिकित्सा सुविधा, चिकित्सा जांच और जन औषधि रियायती दरों पर उपलब्ध करवाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान संचालित होगा।