भोपाल :  आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने मध्य प्रदेश सरकार की मेधावी छात्र योजना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह योजना असल में चुनावी वर्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश भर है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली छात्रों को 25 हजार रुपए की राशि दी है। नकद राशि देने के बजाय छात्रों को लैपटॉप दिया जाना चाहिए था। नकद राशि का संबंधित कार्य में ही इस्तेमाल होगा, इसकी क्या गारंटी है।

            वहीं दूसरी ओर उन्होंने कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों की दी गई राशि के बारे में ट्विटर पर लिखा है- शिवराज जी ने घोषणा के तहत 10 लाख 80 हजार किसानों को 2245 करोड़ रुपए दिए हैं। यानी कि प्रति किसान 20,000 रुपए की राशि, जबकि प्रदेश के हर किसान पर औसतन 2 लाख रुपए का कर्ज है। किसान को उसके कर्ज का 10 प्रतिशत भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इसीलिए प्रदेश का किसान आत्महत्या कर रहा है। वहीं दूसरी ओर चंद बड़े उद्योगपतियों के सरकार ने 3 वर्ष में 17.5 लाख करोड़ रुपए माफ किए हैं।

           हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक से लौटे श्री अग्रवाल ने बताया कि आम आदमी पार्टी प्रदेश के लूट और भ्रष्टाचार के राज्य को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है और जनता भी आप के जरिये बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मध्य प्रदेश के चुनाव पर गंभीर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि पूरा केंद्रीय नेतृत्व चुनावों के दौरान मध्य प्रदेश में रहेगा। चर्चा में सामने आया कि हिंदी पट्टी के जिन तीन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस ने ही लगातार शासन किया है और यहां जनता अब गंभीर, ईमानदार और स्वच्छ राजनीतिक विकल्प को सत्ता सौंपना चाहता है, जिसमें नागरिकों की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी हो। बीते 7 दशकों के शासन में इन क्षेत्रों में जनता और सरकार के बीच की भयावह रूप से बढ़ गई है और इसे दूरी को खत्म करने के लिए आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश में कृत संकल्प है।

          उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनता के बीच लालच और भ्रम की राजनीति कर रहे हैं। मेधावी छात्र योजना में दिए गए 25 हजार रुपए और किसानों को दिए गए 20-20 हजार रुपए इसका उदाहरण हैं। एक तरफ लैपटॉप के नाम पर नकद राशि दी जाती है, जो कि छात्र का परिवार कैसे खर्च करेगा और किस स्तर पर लैपटॉप खरीदेगा, इसकी निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। दूसरी ओर किसानों को 2 लाख के कर्ज में से महज 20 हजार रुपए देकर भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

मीडिया सेल
आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश