पेंड्रा : रक्तदान महादान की कल्पना को साकार करते नवयुवकों के एक दल ऐसा जुनून चढ़ा कि मजाक ही मजाक में उन्होंने ऐसा कर डाला कि आज लोगों के दिलो दिमाग पर छा गए हैं एक WhatsApp ग्रुप के जरिए उन्होंने सैकड़ों लोगों को जोड़ा और आज धीरे धीरे 500 से अधिक लोग इस ग्रुप के सदस्य बन गए हैं और जरूरतमंदों को उन्होंने 3 माह के भीतर 200 से अधिक लोगों को रक्तदान कर उनके जीवन की रक्षा की है l यह सिलसिला लगातार जारी है l
रक्तदान जीवनदान है , रक्तदान है महादान, आओ रक्तदान करें, रक्तदान मानव कल्याण, जैसे न-मालूम कितने स्लोगन हैं जो लोगों को खून देने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं पर अभी भी खून देने के प्रति लोगों की जागरूकता का अभाव है लोग स्वस्थ होकर भी खून देने बहुत ही कम सामने आते हैं और इस देश में आसानी से रक्तदाता भी नहीं मिल पाते ऐसे में पेंड्रा के कुछ युवाओं ने कुछ WhatsApp ग्रुप तैयार किए और इन WhatsApp ग्रुप में पेंड्रा गौरेला मरवाही और पसान विकासखंडों के लगभग 500 से ज्यादा युवाओं को जोड़ा, लगभग 3 माह पूर्व सिर्फ एक WhatsApp ग्रुप से शुरू किया गया यह ग्रुप आज तीन WhatsApp ग्रुप से संचालित है, जिसमें शहरी से लेकर ग्रामीण युवा जुड़े हुए हैं इनमें इनमें हिंदू ,मुसलमान, इसाई, सिख सभी वर्ग के लोग हैं ग्रुप में किसी जरूरतमंद को खून देने की सूचना आने के बाद उस रक्त समूह के दानदाता तुरंत WhatsApp के जरिए ग्रुप में अपनी इच्छा जाहिर करते हैं जिसके बाद इन युवाओं को उचित स्थान पर पहुंचा कर रक्तदान करा लिया जाता है l
सबसे अच्छी बात तो यह है कि रक्तदाता यह जानता भी नहीं है कि उसका खून किस के लिए जा रहा है और किस जरूरतमंद को उसका खून दिया जाएगा ना तो उससे उसका कोई संबंध होता है ना ही वह उसके परिवार का होता है , कई बार तो वह उनके जिले और गांव का भी नहीं होता बावजूद दानदाता स्वस्फूर्त रक्तदान कर रहे हैं इस समूह के कुछ ऐसे युवा भी हैं जो मुस्लिम है और रोजा होने के बावजूद रक्तदान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं उनका कहना है रक्तदान महादान है और इसे कर कर अच्छा लगता है वहीं कुछ युवा पहली बार रक्तदान कर रहे हैं तो कुछ को 20 बार से भी ज्यादा हो गया है सभी को सूचना WhatsApp ग्रुप के जरिए लगती है और वह सीधे अस्पतालों से संपर्क कर अपना रक्तदान करते हैं l
लगभग 3 माह पूर्व हॉस्पिटल ब्लड मेडिसिन नाम के एक ग्रुप से शुरू हुआ यह ग्रुप अब तीन ग्रुप में बढ़ चुका है हर WhatsApp ग्रुप में सरकारी और निजी अस्पताल के कुछ ऐसे लोग भी जुड़े हुए हैं जो रक्त की कमी होने पर सीधे इसकी सूचना WhatsApp के जरिए समूह में डाल देते हैं l जिसमें जरूरतमंद महिला या पुरुष की फोटो और उचित जगह पर है वहां तक पहुंचने की सुविधा के साथ साथ उसके रक्त समूह की भी जानकारी दी जाती है l उसके बाद शिक्षित दानदाता तुरंत WhatsApp ग्रुप में ही रक्त देने की इच्छा जाहिर करते हैं जिसके बाद उन्हें नियत स्थान पर पहुंचा दिया जाता है और वहां वह अपना रक्तदान करते हैं इस WhatsApp ग्रुप में अब तक 200 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को खून दिया है l जिसमें मध्य-प्रदेश और बिलासपुर जिले के कई जरूरतमंद शामिल हैं l
इसके साथ-साथ यह ग्रुप दवाइयों के लिए कुछ पैसे और ऑक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध करा देता है सब कुछ निशुल्क और निस्वार्थ पर फिर भी अब इन्हें सरकारी मदद की जरूरत है इनका कहना है कि क्षेत्र में ब्लड बैंक उपलब्ध हो ताकि जरूरतमंदों को आसानी से वहीं से ब्लड उपलब्ध कराया जा सके और इच्छुक दानदाता वहां अपना खून जमा करा सकें l
आलोक तिवारी ग्रुप एडमिन -
आमतौर पर खून की जरूरत होने पर लोग अपने नाथ रिश्तेदार दोस्त भाई-बहनों की ओर ही देखते हैं और इन्हीं से ही खून की व्यवस्था करने की कोशिश की जाती है पर ऐसे लोग जिन्हें यहां से भी खून उपलब्ध ना हो और उन्हें युवा अपने उत्साह के साथ आगे बढ़ कर खून दे वह भी सिर्फ एक WhatsApp संदेश के जरिए यह अपने आप में एक Kranti ही है जरूरत है इस क्रांति को पूरे देश में फैलाने की ताकि ऐसे और समूह बने और जरूरतमंदों को खून उपलब्ध होता रहे l