होशंगाबाद :  नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में माँ नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन में नर्मदा नदी के पुर्नजीवन के लिए एवं माँ नर्मदा के पुराने वैभव को वापस लाने के लिए  इस वर्ष भी 9 जून शनिवार को मॉ नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन में बीज रोपण एवं श्रम दान का कार्यक्रम सभी 68 ग्रामों में एक साथ आयोजित किया गया। शनिवार को प्रात: 6:30 बजे से प्रात: 7 बजे तक सभी नर्मदा परिवार के सदस्य, मुखिया, स्वयंसेवी संस्था के पदाधिकारी, प्रस्फूटन समिति के सदस्यगण, जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक, समाज सेवी, बीएसडब्ल्यू के छात्र, सभी नोडल अधिकारियो ने नर्मदा के रिपेरियन जोन पर पहुंचकर विभिन्न वनस्पति पौधो के लगभग 8 टन बीजो का रौपण किया और श्रम दान किया। 

               बीज रोपण कार्यक्रम में विभिन्न वनस्पतियों के बीज रोपित किये गये जैसे जंगली तुलसी, गोखरू, गोशुर, गोरखमुण्डी, स्वर्ण छीरी, अश्वगंधा, हरित मंजरी, भ्रंगराज, बथुआ, मांकोय, बाओची, कालमेघ, काला जीरी, वनभटा, अपराजिता, पोई, मालकांगनी, शिकाकाई, कुंदरू, मखेड़ी, पलास, रीठा, बबूल, शीशम, अर्जुन, साजा, अंजन, दुधि, कनेर, पीपल, बड़, नीम, जामुन, सीताफल, बेल, बहेडा, बारंगा, भटकटाई, रामफल, कबीट, गिलोए, बास, नीबू, फुलबुहारी, सतावर, लोखंडी आदि के बीज लगाए गये।

             नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने आज होशंगाबाद शहर के हर्बल पार्क, खर्रा घाट तथा सिवनीमालवा के रिपेरियन जोन भिलाड़ियाखुर्द एवं उमरिया में विभिन्न प्रजाति के बीजो का रौपण किया। कमिश्नर उमराव एवं कलेक्टर प्रियंका दास ने प्रात: 7 बजे हर्बल पार्क में पहुँचकर बेर, कंजी, बकुल, सुबबूल, हिंगोना, सागौन, रीठा, नंदनवन, ईमली एवं भटकटाई के बीजो का रौपण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुँचे स्कूली बच्चो, स्वयंसेवी संस्था के पदाधिकारियों, जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक और आम ग्रामीणजनो ने उत्साह पूर्वक बीज रौपण कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री उमराव ने कहा कि हमारे सामने हिमाचल प्रदेश का शहर शिमला एक उदाहरण है वहां 5 दिनो से नलो में पानी नही आने के कारण स्कूल की छुट्टी कर दी गई है तथा सारा जनजीवन अस्त व्यस्त है।

            कमिश्नर ने कहा कि मनुष्य पानी के बगैर जीवित नही रह सकता है। इसलिए आवश्यकता है कि हम सब रिपेरियन जोन में बीज रौपण एवं पौध रौपण करे। पौध रौपण से पौधो के माध्यम से पानी का बहाव नर्मदा में होगा और इससे नर्मदा सदा कल-कल बहती रहेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अधिकारी श्री अमरसत्य गुप्ता, डॉ.बी.एम.मालवी, वीणापाणी समिति के सदस्य गण, लार्इंस क्लब के श्री डी.एस.दांगी, मिडिया के प्रतिनिधिगण एवं बीएसडब्लू के छात्रगण मौजूद थे।

          कमिश्नर उमाकांत उमराव एवं कलेक्टर प्रियंका दास हर्बल पार्क से सीधे खर्रा घाट पहुँचे और वहां उन्होंने आंवला, संदूरी, बैल, आम आदि के बीजो का रौपण किया। नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि खर्रा घाट को हराभरा बनाने के लिए टीएमसी द्वारा तार फेसिंग की जायेगी एवं सिख समाज द्वारा खर्रा घाट को विकसित करने के लिए कमिश्नर ने सिवनीमालवा के ग्राम भिलाड़िया खुर्द पहुँचकर वहां बीज रौपण किया। कमिश्नर ने उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हम आज बीज रौपण और आने वाले दिनो में पौध रौपण नही करेंगे तो एक समय ऐसा आयेगा कि हमे पीने के लिए पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा।

         उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षो में नर्मदा का पानी कम हो जाएगा और इसे कोई नही रोक सकेगा। यदि हम आज माँ नर्मदा के अस्तित्व की रक्षा करने का कार्य करेंगे तो हमें मोक्ष की प्राप्ती होगी। हम कोशिश करेंगे कि नर्मदा के पुराने वैभव को वापस लाया जाए। यदि हम एक बार असफल होंगे तो अगली बार जरूर सफल होगे। कमिश्नर ने कहा कि हमे माँ नर्मदा के पुराने वैभव को लाने में चार से पांच वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चो को ऐसी दुनिया नही दे सकते हैं जहां उन्हें किताबो में पढ़कर पता चले कि कभी यहां नर्मदा नदी बहती थी।

        कमिश्नर ने कहा कि माँ नर्मदा हम सबकी परीक्षा ले रही है। जब हम इस परीक्षा में सफल होंगे तो माँ सूद समेत हमे  सब कुछ वापस लोटायेगी। उमरिया में कमिश्नर ने पारस, पीपल, सागोन, बेर एवं बेल की बीजो का रौपण किया। उमरिया में तार फेसिंग के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश उन्होंने नोडल अधिकारी को दिए और कहा कि आज रात तक हम तीन किलोमीटर तक के तार प्रदान करेंगे, कल सुबह तक तार फेसिंग का कार्य पूर्ण हो जाए। उन्होंने मौके पर मौजूद स्वामी विदेश्वर नंदजी से कहा कि वे तार फेसिंग एवं पौध रौपण की जिम्मेदारी लें और उसे समय सीमा में पूरा करे।

       आज नर्मदा नदी के 68 ग्रामो के रिपेरियन जोन में सभी लोगो ने उत्साह पूर्वक बीज रौपण किया और संकल्प लिया कि बीज से जब पौधे अंकुरित होंगे तो वे उसकी देखभाल करेंगे। नसीराबाद, बछवाड़ा घाट पर महिलाओं ने उत्साह पूर्वक बीज रौपण किया। जब महिलाओं से पूछा गया कि उन्हें कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है मानो हम किसी भंडारे में आए हैं। ऐसा ही आनंद यहां आ रहा है। ग्राम पापन, तालनगरी, गौरा, लुचगांव, ग्वाड़ी, आंवलीघाट, उमरधा, आयपा, खोकसर, रेबा बनखेड़ी, डोंगरबाड़ा, बनखेड़ी, ईश्रपुर, धानसी, टिमरनी के ग्राम पंचायत छीपानेर, लाछोरा, गोंडागांव खुर्द, चांदला, सर्रा किशोर, कोडरबाड़ा, पामली, सहलबाड़ा, बाबरी, पाठा, बीकोर, माछा, उमरखेड़ी, मारागांव, गनेरा, रंढाल, हासलपुर, रामगढ़, खरखेड़ी, नानपा में भी उत्साह पूर्वक बीज रौपण किया गया।