होशंगाबाद :  नर्मदा पवित्र सर्वदा अभियान के अंतर्गत नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव के नेतृत्व एवं मार्ग दर्शन में होशंगाबाद जिले में मां नर्मदा नदी के सभी तट क्षेत्र के रिपेरियन जोन में बीज रोपण एवं पौध रोपण का कार्यक्रम गत वर्ष सफलता पूर्वक किया गया था। इसी कड़ी में मंगलवार को नर्मदा नदी के सभी तटो पर ग्रामीणजनो ने, नर्मदा परिवार के मुखिया एवं सदस्यों ने, नोडल अधिकारियों ने, प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने, समाज सेवियों ने, स्वयंसेवी संगठनो के प्रतिनिधियों ने, जनप्रतिनिधियों ने, बीएसडब्लू के छात्रो ने एवं महिलाओं व बच्चो ने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियो ने नर्मदा नदी के सभी तटो पर एकत्रित होकर माँ से मनुहार की। सभी लोगो ने विधि विधान से अपने उपकरणो जैसे कुदाली, गैंती, फावड़ा एवं विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के बीजो की पूजा की और माँ नर्मदा से मनुहार की तथा आशीर्वाद मांगा की आगामी 9 जून को नदी के सभी तटो के रिपेरियन जोन में बीज रोपण का कार्यक्रम एवं 15 जुलाई को पौध रोपण का कार्यक्रम सफल कराएं। नर्मदा पवित्र सर्वदा अभियान के अंतर्गत नर्मदा के तट क्षेत्र में 180 किलोमीटर की लंबाई में एवं 100 मीटर की चौड़ाई में घास, झाड़ी, बेला, शाक, वनस्पति पौधो का रोपण जन सहयोग से गत वर्ष से प्रारंभ किया गया है। आज स्वयं कमिश्नर उमाकांत उमराव बाबई विकासखंड के ग्राम धानसी एवं बिकोर पहुँचकर माँ नर्मदा से मनुहार की। कमिश्नर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माँ नर्मदा से बीज रोपण कार्यक्रम एवं पौध रोपण कार्यक्रम के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने तट पर विभिन्न उपकरणों का पूजन एवं 50 प्रकार की वनस्पति के बीजो का रोपण किया।

              इस अवसर पर माँ नर्मदा स्वच्छता एवं नशामुक्ति अभियान समूह की महिलाओ ने माँ नर्मदा के गीतो से सभी को भावविभोर कर दिया। सभी व्यक्ति जय हो मैया नर्मदे पार करो मैया के शंखनाद के साथ माँ से मनुहार करने के लिए तट की ओर गये। सुमधुर भजनो के बीच माँ से मनुहार कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पूरे विधि विधान से माँ से मनुहार की गई और आगामी कार्यक्रमो के लिए माँ से आशीर्वाद और आज्ञा मांगी गई। इस अवसर पर कमिश्नर उमाकांत उमराव ने कहा कि सरकार हर कार्य नही कर सकती है कुछ कार्य ऐसे हैं जो हमें स्वयं करने होंगे। हम सब बिना पानी के जीवित नही रह सकते हैं। आज माँ नर्मदा की 100 से अधिक सहायक नदियो में पानी नही है वे सूख गई हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले 8 से 10 वर्षो में माँ नर्मदा भी सूख जाएगी।

           कमिश्नर ने कहा कि हमारी पीढ़ी स्वार्थी पीढ़ी है। हमने माँ नर्मदा जो करोड़ो वर्षो से बह रही है, लोगो को मोक्ष दिला रही है, उसका पानी मात्र 30 वर्षो में समाप्त कर दिया है। कमिश्नर ने कहा कि इससे बड़ा कोई पाप नही हो सकता कि नर्मदा का पानी अगले 10 वर्षो में समाप्त हो जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि जब पानी ही नहीं बचेगा तो कुछ भी नही बचेगा। उन्होंने उपस्थित लोगो को भरोसा दिलाया की हम हार नही मानेंगे और प्रति वर्ष बीज रोपण एवं पौध रोपण का कार्य करते रहेंगे, आज नही तो कल हमारा अभियान सफल होगा। आज स्थिति खराब है यदि हम आज सचेत नही हुए तो आने वाली पीढ़ी हमे क्षमा नही करेगी। श्री उमराव ने कहा कि गत वर्षो में माँ नर्मदा में गर्मियो में भी इतना पानी रहता था कि उसे नाव से पार करना पड़ता था आज स्थिति यह कि हम आज इसे पैदल पार कर लेते हैं।

          कमिश्नर ने सभी लोगो को संकल्प दिलाया कि हम हर संभव प्रयास कर माँ नर्मदा को पुराने वैभव में लायेंगे और माँ नर्मदा को कभी भी विलुप्त नही होने देंगे। उन्होंने बताया कि धानसी में नर्मदा तट क्षेत्र में तार फेंसिंग का कार्य किया जा रहा है। तार फेसिंग के बाद धानसी मॉडल के रूप में विकसित होगा। कमिश्नर ने बिकोर में भी उपस्थित लोगो को समझाईश दी की वे अभी से पुन: बीज रोपण एवं पौध रोपण के कार्य में जुट जाएं। कमिश्नर ने कहा कि यह सही है कि एक बार नदी की धार टूटी तो कभी नही बहती है। गीता में कहा गया है कि हरदम हमारे मस्तिष्क में अच्छे एवं बुरे विचार आते रहते हैं। अब समय आ गया है कि हम अपने मस्तिष्क को अच्छे कार्यो की ओर मोड़े। उन्होंने कहा कि हमारी असली पूजा तो यह होगी कि नर्मदा नदी सदा बहती रहे। उन्होंने उपस्थित लोगो से कहा कि हमारे पास मात्र 10 दिन का समय है, इतने दिनो में हम जितना ज्यादा हो सके रिपेरियन जोन में बीज एवं पौध रोपण करे।

        माँ से मनुहार कार्यक्रम में जनपद पंचायत बाबई के अध्यक्ष श्री बृजमोहन मीना, जनपद पंचायत की सीईओ पूनम दुबे, नोडल अधिकारी अशोक विश्बाल, श्री भरत शर्मा, स्वसहायता समूह की महिलाएं, महंत बालकृष्ण त्यागी महाराज, सरपंच भूपेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।