भोपाल :  आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने आज से शुरू हुए किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा है कि किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से अपने इस आंदोलन को सफल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दौरान अगर किसी भी प्रकार की हिंसा होती है, तो उसकी जवाबदारी पूरी तरह से प्रशासन और सरकार की होगी। किसानों ने यह कदम विवशता में उठाया है।

           उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का किसान अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहा है। किसानों की पूर्ण कर्ज माफी और फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य किसान का हक है। आम आदमी पार्टी ने भी बीते दो साल से इन मांगों को उठाती रही है। हाल ही में किया गया 6 दिन का अनशन भी किसानों की इन्ही मांगों को लेकर किया गया था। लेकिन प्रदेश की निर्लज्ज सरकार इन मांगों की अनदेखी कर रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने घमंड में यह कह रहे हैं कि वह न तो किसानों का कर्ज माफ करेंगे न प्रकरण वापस लेंगे। यह बयान दर्शाता है कि किसान हितैषी होने का ढोंग करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान असल में किसान विरोधी और बिचौलियों, उद्योगपतियों के हितैषी हैं।

           उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कई मंडिया वीरान रहीं और कई जगह सड़कों पर दूध बहाया गया। यह हालात बताते हैं कि किसान की स्थिति क्या है। मौत के कगार पर बैठा किसान कर्ज माफी की जो मांग कर रहा है वह उसका हक है। अगर यही कर्ज माफी उद्योगपतियों ने मांगी होती, तो शिवराज सरकार इसके लिए इतना इंतजार नहीं करती। किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल रहा है और यही उत्पाद जब आम घरों तक पहुंचते हैं, तो इनके दाम कई गुना बढ़ जाते हैं। इससे साफ है कि भाजपा सरकार के शासन में असल में बिचौलियों के ही अच्छे दिन आए हैं। यह सरकार बिचौलियों को पोषित कर रही है।

कमलनाथ की चिट्ठी पर कहा- किसानों नहीं, व्यापारियों की कांग्रेस

          हाल ही में वायरल हुई कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की चिट्ठी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस असल में समाज के हर हिस्से को अपने वोट बैंक की तरह ही देखती रही है और यही कांग्रेस की परंपरा है। श्री सुभाष यादव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए वोट बैंक का तर्क देने से साफ हो जाता है कि कमलनाथ असल में एक व्यापारी ही हैं और वे श्रद्धांजलि सभाओं को भी लाभ-हानि के गणित से ही तौलते हैं। उन्होंने ट्विटर पर तंज करते हुए लिखा है- कमलनाथ ने चिट्ठी में लिखा चुनाव की दृष्टि से सुभाष यादव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हों, व्यापारी से यही उम्मीद है। वैसे 4 साल के प्रदेश अध्यक्ष व सुभाष जी के पुत्र अरुण यादव को हटाकर अच्छी श्रद्धांजलि दे ही दी है। किसानों की नहीं, व्यापारियों की है कांग्रेस। गौरतलब है कि हाल ही में दिवंगत सुभाष यादव की याद में 26 जून को प्रस्तावित श्रद्धांजलि सभा के लिए कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने लिखा है कि- स्व. यादव प्रमुख ओबीसी नेता रहे हैं। 26 जून को उनकी बरसी का कार्यक्रम है। मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में ओबीसी वर्ग के लोग हैं और चुनाव के मद्देनजर ये निमाड़-मालवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण कार्यक्रम होगा, जिसमें 61 विधानसभा सीटें शामिल हैं।


मीडिया सेल
आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश