होशंगाबाद :  नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में सतपुड़ा टाईगर रिजर्व की स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमिश्नर ने बताया कि पचमढ़ी में स्थित राजभवन सप्ताह में एक दिन अर्थात रविवार के दिन आम जनता के लिए खुला रहेगा। इस दिन आम जनता एवं पर्यटक टिकिट लेकर राजभवन के अंदर जाकर राजभवन का अवलोकन कर सकेंगे। कमिश्नर ने कहा कि मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गत माह पचमढ़ी प्रवास के दौरान आम जनता के लिए राजभवन को खोलने के निर्देश दिए थे। इसी निर्देश के परिपालन में बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रति रविवार को एक निश्चित संख्या में आम जनता एवं पर्यटक राजभवन में प्रवेश कर सकेंगे। राजभवन में एक गाईड की तैनाती भी की जाएगी जो आम जनता एवं पर्यटको को राजभवन का इतिहास बताएगा। राजभवन में प्रवेश के लिए टिकिट बायसन लॉज से लेना होगा।

              बैठक में कमिश्नर ने पचमढ़ी को प्लास्टिक फ्री बनाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि पचमढ़ी को प्लास्टिक फ्री बनाना हमारा उद्देश्य है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पर्यटन गाड़ी एवं जिप्सी मालिको को कचरा उठाने के लिए एक बैग भी दिया गया है। जिप्सी मालिक पर्यटन स्थलो में फैली हुई प्लास्टिक की बोतले, पन्नी उठाते हैं। सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के संचालक श्री एल.कृष्णमूर्ति ने बताया कि अनेक उपाय करने के बावजूद पर्यटक पर्यटन स्थलो के विभिन्न पाइंटो पर प्लास्टिक की बोतले, डिस्पोजल, पन्नी फेककर चले जाते हैं, इससे पचमढ़ी के सौंन्दर्य को नुकसान पहुँच रहा है। विभाग इस वर्ष से प्लास्टिक एवं कचरा फैलाने वाले पर्यटको एवं अन्य व्यक्तियों पर फाइन लगाएगा। कलेक्टर पिं्रयका दास ने कहा कि पचमढ़ी में चारो तरफ फैले कचरे एवं प्लास्टिक आईटम को एकत्रित कर एक एजेंसी को हायर कर उसे दिया जाएगा। एजेंसी बदले में पैसा देगी जो पचमढ़ी के विकास के कार्य में लगाया जाएगा।

            बैठक में कृष्णमूर्ति ने बताया कि सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुखलई एवं खामला को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा क्योकि उक्त दोनो ग्रामों में भविष्य में पर्यटन की भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। उसी तरह ग्राम दसई, चूरना, जालई को भविष्य में पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सकता है और यहाँ और भी रोमांचक गतिविधियो का आयोजन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इको टूरिज्म साढ़े चार करोड़ रूपए तक का है। यदि हम इन स्थलो को विकसित कर दें तो इको टूरिज्म की आय में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि बफर जोन में 14 लाख रूपए की आय होती है, बफर जोन में बेहतर सुविधाएं बढ़ाकर आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलो पर एसटीआर द्वारा वाशरूम, टायलेट बनाए गये हैं।

          अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें करीब 1500 स्कूली बच्चो ने अपनी सहभागिता निभाई, इन बच्चो को बफर जोन का भ्रमण कराया गया था। नेचर गेट्स में लगभग 150 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है। पर्यटको की सुविधा की दृष्टि से मढ़ई में 15 गाड़ियां एवं 2 बोट की व्यवस्था की गई है। भविष्य में बफर जोन में टूरिज्म का बेहतर विकास किया जा सकता है। कमिश्नर श्री उमराव ने कहा कि पचमढ़ी से लगे 11 गांव डी नोटिफाईड हुए हैं। मटकुली के पास लगे तीन गांव भी विस्थापित होना चाहते हैं। मालनी, कामता, सुखलई गांव को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि विस्थापन राशि में यदि किसी प्रकार का असंतोष है तो मतदाता सूची से नाम निकालकर उम्र, निवास का पता एवं अविवाहित एवं विवाहित का पता लगाया जा सकता है। मतदाता सूची से विस्थापन के 90 प्रतिशत मामले सुलझ सकते हैं।

         कमिश्नर ने कहा कि बफर जोन में हमें यह देखना है कि बफर जोन में कितना एरिया खसरा नंबर सहित एड रहेगा तथा कितनी जमीन बफर जोन से बाहर रहेगी। उन्होंने डी नोटिफिकेशन सही तरीके से करने के निर्देश दिए। बताया गया कि विस्थापन संबंधी समस्या हल करने के लिए समिति बनाई गई है। समिति में चुने हुए पंचायत के प्रतिनिधि हैं। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि समिति एवं वन विभाग यह परिभाषित करें कि ईको गांव की सीमा कहा तक जा रही है। कृष्णमूर्ति ने बताया कि कुछ गांव जो पहले पचमढ़ी अभ्यारण्य के अंदर थे उन्हें डी नोटिफाईड किया गया है। उसके अनुक्रम में अब ईको सिस्टम के अंदर आने वाले गांव की सीमा निर्धारण की भी आवश्यकता है।

         कमिश्नर ने संबंधित एसडीएम एवं डीएफओ वन विभाग को निर्देश दिए कि वे अभ्यारण्य वाले गांव का भ्रमण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कमिश्नर ने बताया कि ईको टूरिज्म वाले गांव में कार्य योजना बनाकर ही किये जायेंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि पचमढ़ी, मढ़ई एवं चूरना में 15 वर्ष से पुराने वाहनों को धीरे-धीरे हटाकर नये वाहन लाएं जायेंगे। बताया गया कि पर्यटक यह शिकायत करते हैं कि वाहन पुराना होने के चलते कई बार दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। बैठक में मढ़ई में बारिश के दौरान बोटिंग करने के संबंध में भी चर्चा हुई। कमिश्नर श्री उमराव ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलो पर गाईड की संख्या बढ़ाई जायेगी, इसके लिए उन्होंने स्थानीय युवको को गाईड के कार्य करने हेतु प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर प्रियंका दास को निर्देश दिए कि पचमढ़ी में खाली पड़ी पीएचसी की बिÏल्डग मेंे आयुर्वेदिक संस्था खोलने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

        कमिश्नर ने बताया कि पचमढ़ी में एक रिसर्च सेंटर भी खोला जाएगा एवं पचमढ़ी क्लब को विकसित किया जाएगा। श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि जमानीदेव एवं परसापानी टाईगर के लिए सुरक्षित क्षेत्र हैं, इसे भी विकसित किया जाएगा तथा हर वर्ष पचमढ़ी में आयोजित होने वाले नागद्वारी मेले को सबरीमाला की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए पचमढ़ी से एक टीम सबरीमाला का अध्ययन करने के लिए भेजी जाएगी। कमिश्नर ने चूरना एवं मढ़ई में पर्यटको को आकर्षित करने के लिए बेहतर योजनाएं बनाने के निर्देश दिए।

      बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री केसी जैन, वनसंरक्षक श्री केसी भारद्वाज, बैतूल कलेक्टर श्री शशांक मिश्र, डीएफओ श्री विजयसिंह सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।