होशंगाबाद : नर्मदा पवित्र सर्वदा अभियान के अंतर्गत गत दिवस माँ नर्मदा के रिपेरियन जोन में 108 विविध प्रकार के बीजो का रोपण किया गया था। इस वर्ष भी विभिन्न प्रकार के बीजो एवं वनस्पति पौधो का रोपण किया जाएगा। आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माँ से मनुहार कार्यक्रम का आयोजन नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन के सभी 68 ग्रामो में एक साथ किया जाएगा।

              माँ से मनुहार कार्यक्रम में माँ नर्मदा के तट पर सभी लोग एकत्रित होंगे एवं माँ से मनुहार करेंगे। पौध रोपण एवं बीज रोपण के लिए फावड़ा, गैंती की व्यवस्था करेंगे। 9 जून को माँ नर्मदा के सभी तटो पर वनस्पति अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। गत दिवस नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने सभी नर्मदा परिवार, नोडल अधिकारियों एवं महिलाओं एवं बच्चो तथा ग्रामीणो को निर्देश दिए थे कि वे पुन: नर्मदा के तटो पर पौध रोपण हेतु सक्रिय रहें। बताया गया कि गत वर्ष भी पौध रोपण को देखने के लिए 16 देशो के प्रतिनिधि नर्मदा के तट पर आए थे। वनस्पति पौधो की सुरक्षा के लिए सभी रिपेरियन जोन में तार फेसिंग का कार्य किया गया है। तार फेसिंग की नर्मदा के तट क्षेत्र को जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

             गत वर्ष आठ टन बीजो का रोपण किया गया था, इस वर्ष उससे भी अधिक एवं विविध प्रकार के बीजो के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत से कहा गया है कि वे दो-दो Ïक्वटल बीज एकत्रित करे। माँ से मनुहार कार्यक्रम में बीजो का रोपण किया जाएगा। कमिश्नर उमराव ने निर्देश दिए कि नर्मदा के तटो पर पुन: सभी को सक्रिय करने के लिए एवं माँ नर्मदा की महिमा आमजनो तक पहुँचाने के लिए ग्रामों में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया जाए। गत वर्ष नुक्कड़ सभा के आयोजन से एक सकारात्मक प्रभाव पड़ा था। बताया गया कि जनअभियान परिषद के ब्लाक समन्वयक एवं समाजसेवी 68 ग्रामो में रात्रि विश्राम करेंगे और ग्रामीणो को पुन: बीज रोपण एवं पौध रोपण के लिए सक्रिय करेंगे। बताया गया कि तार फेसिंग के बाहर इस बार बबूल के बीजो का रोपण किया जाएगा। बबूल के बीजो को जानवर नही खाते है इससे बीज सुरक्षित रहेगा।

           कमिश्नर ने कहा कि आज माँ नर्मदा सूखने की कगार पर है। सभी व्यक्तियों को बताया जाए कि माँ नर्मदा कितनी पवित्र नदी है। उन्होने सभी नोडल अधिकारियों से कहा कि वे एक जून से 10 जून तक अपने-अपने रिपेरियन जोन का भ्रमण करलें। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि रिपेरियन जोन के काम को लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए प्रत्येक वार्ड में वार्ड प्रभारियो की बैठक का आयोजन किया जाए। नर्मदा परिवार में एसे व्यक्तियों का समन्वय किया जाए जिनमें समाजसेवा के प्रति रूचि हो। एक नर्मदा परिवार में न्यूनतम 5 परिवार होना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि नर्मदा परिवार के सभी सदस्यो को रिपेरियन जोन में श्रमदान हेतु एवं तट क्षेत्रो में घास, झाड़ी, झाउ लगाने हेतु स्थान आवंटित किया जाए।