होशंगाबाद : नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन में पौध रोपण एवं बीज रोपण का कार्य संपादित किया गया था। पौधों की सुरक्षा हेतु रिपेरियन जोन से लगे 68 ग्राम पंचायतों में तार फेंसिंग का कार्य जनभागीदारी से किया गया है। होशंगाबाद विकासखण्ड के ग्राम डोंगरवाड़ा में गत दिवस ग्राम के ही कुछ असामाजिक तत्वों ने रिपेरियन जोन में पौधों की सुरक्षा के लिये लगाए गए दोनो तरफ के तार फेंसिंग के खंबों को उखाड़ कर फेंक दिया है।
उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने पुलिस अधीक्षक अरविन्द सक्सेना को निर्देश दिए कि वे ग्राम डोंगरवाड़ा में तार फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक अरविन्द सक्सेना के निर्देश पर थाना प्रभारी आशीष सिंह पवार के नेतृत्व में पुलिस दल ने आज ग्राम डोंगरवाडा में हुए तार फेंसिंग के नुकसान का जायजा लिया एवं मौके पर ही ग्रामीणों से पूछताछ की गई। थाना प्रभारी ने सभी ग्रामीणों को हिदायत दी कि वे तार फेंसिंग को उखाड कर फेंकने वाले असामाजिक तत्वों के नाम उजागर करें। थाना प्रभारी आशीष सिंह पवार के नेतृत्व में पुलिस बल ने डोंगरवाडा की सभी गलियों में एवं मोहल्लों से होते हुए फ्लैग मार्च किया और असामाजिक तत्वों को चेतावनी दी कि शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और ऐसे आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कडी से कडी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
थाना प्रभारी पवार के नेतृत्व में जब पुलिस बल ने रिपेरियन जोन का भ्रमण किया तो पाया कि असामाजिक तत्वों ने दोनों तरफ के रिपेरियन जोन में लगे तार फेंसिंग के खंबों को हथौडों से तोड़कर उखाड दिया था। बताया गया कि तार फेंसिंग तीन दिन पहले तोड़ी गई है और एक बार में ही तार के खंबों को गिरा दिया गया है। जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमिता बघेल ने बताया कि पूर्व में भी तार फेंसिंग को नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने पुन: दुबारा से तार फेंसिंग का कार्य कराया था और इस बार भी लगाएं गए तार फेंसिंग को भी गांव के असामाजिक तत्वों में उखाड कर फेंक दिया। सुश्री बघेल ने बताया कि तार फेंसिंग से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा था। मवेशियों के आने जाने का रास्ता भी छोड़ा गया था तार फेंसिंग को जानबूझकर उखाड कर फेंका गया है। थाना प्रभारी श्री पवार ने मौका मुआयना किया और रिपेरियन जोन के नजदीक बने घरों में जाकर पूछताछ की। उन्होंने ग्राम के जगदीश, राम प्रसाद, कमलेश, आदि से पूछताछ की। सभी ने इस संबंध में अपना हाथ होने से इंकार किया। श्री पवार ने कहा कि तार फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को जल्द ही गिरफ्तार कर कडी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
थाना प्रभारी ने ग्राम के चौकीदार एवं सरपंच संतोष साहू से भी पूछताछ की। उन्होंने सभी को समझाइश दी कि नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को बचाने का प्रयास न करें। उल्लेखनीय है कि कमिश्नर उमरांव के प्रयासों से गत वर्ष मां नर्मदा के रिपेरियन जोन में वृहद पैमाने पर बीज रोपण एवं पौध रोपण का कार्य किया गया था। रिपेरियन जोन में कई पौधे सुरक्षित हैं और उन पौधों को सुरक्षित करने के लिये तार फेंसिंग का कार्य 68 ग्राम पंचायतों में किया गया था। सभी ग्राम पंचायतों में तार फेंसिंग सुरक्षित हैं और गांव वाले उसकी देखभाल करते हैं। किन्तु ग्राम डोंगरवाडा में असामाजिक तत्वों के चलते तार फेंसिंग को दो बार उखाड कर फेंक दिया गया है।