भोपाल  :  आम आदमी पार्टी के अनिश्चितकालीन अनशन में रविवार को प्रख्यात समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर पहुंचे। उन्होंने अनशन को समर्थन देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार की नीतियां किसानों के लिए नहीं बल्कि उद्योगपतियों के लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसान की कर्ज माफी की मांग गलत नहीं है। आखिर किसान अपना सब कुछ दांव पर लगाकर उत्पादन करता है, और बदले में उसे निराशा ही मिलती है। यही उत्पादन जब उद्योगपति करते हैं तो उन्हें हर तरह की सुविधा दी जाती है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने शनिवार से किसानों की कर्ज माफी और फसलों के उचित दाम समेत बिजली एवं रोजगार के मसले पर यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है। इस अनिश्चितकालीन अनशन में श्री अग्रवाल के साथ अशोक सहाय धुर्वे, आफत सिंह यादव और धनीराम भाई भी बैठे हैं।

           उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें उद्योगपतियों को सस्ती जमीन, फिर कच्चे माल पर सब्सिडी, मशीनों के लिए कर्ज से लेकर अन्य कई तरह की सुविधाएं देती हैं, लेकिन जब किसान की बात आती है, तो उसे फसल का उचित दाम भी नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ उद्योगपतियों को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के इंडस्ट्री मेले लगाए जाते हैं, और उन्हें आमंत्रित किया जाता है कि आप उद्योग कारखाने लगाओ लेकिन किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार के पास कोई नीति नहीं है। उद्योगपतियों के कर्ज माफ करने के लिए केंद्र से लेकर विभिन्न राज्य सरकारें कई नीतियां बनाती रहती हैं। इस पर भी अगर घाटा हो जाए तो उद्योगों की कर्ज माफी करने में देरी नहीं की जाती है, फिर किसानों के साथ ही सौतेला व्यवहार क्यों?

उद्योगपति हिंदू हैं और किसान पाकिस्तानी हैं सरकार के लिए: रघु ठाकुर
           उन्होंने कहा कि एक षडय़ंत्र के तहत कारखानों उद्योगों को घाटे में दिखाकर उनका कर्ज माफ किया जाता है और यह सरकार और उद्योगपतियों द्वारा की जारी देश की खुली लूट है। उन्होंने बताया कि पिछले सालों में सब तरह के कर्ज जोड़े जाएं तो कुल 13-14 लाख करोड़ रुपए की कर्ज माफी उद्योगपतियों को दी गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच भेद बढ़ती है और भारत-पाकिस्तान के नाम पर समाज को बांट रही है। ऐसा लगता है कि सरकार के लिए उद्योगपति कथित तौर पर हिंदू हैं, जबकि किसानों को यह सरकार पाकिस्तानी मान चुकी है। किसानों के साथ किया जा रहा दोहरा व्यवहार इसे साफ करता है।

पेट्रोल-डीजल के दाम पर घेरा-
           उन्होंने कहा कि सरकार ने महंगाई के मुद्दे पर भी अपनी नीति साफ नहीं की है। लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। पहले सरकार ने कहा कि पेट्रोल को बाजार से जोड़ दिया गया है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो कीमतें घटेंगी उसका लाभ सभी को मिलेगा, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम काफी घट गए हैं फिर भी पेट्रोल लगातार महंगा होता जा रहा है। आजकल नोतपा चल रहे हैं जिसमें तापमान लगातार बढ़ता जाता है, इसी तर्ज पर सरकार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा रही है।

मीडिया सेल
आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश