होशंगाबाद :    जिले के केसला विकासखण्ड की गरीब आदिवासी महिलाओं ने अपनी छोटी-छोटी घरेलू बचत से मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय धीरे-धीरे चल निकला तो सभी महिलाओं ने एक जुट होकर महिला पोल्ट्री फार्म नाम से स्वसहायता समूह बनाया। धीरे-धीरे महिलाओं के 11 स्वसहायता समूह ने एक जुट होकर म.प्र. वूमेन पोल्ट्री प्रोडूसर्स कम्पनी बनाई। इस कम्पनी का सालाना टर्न ओवर 240 करोड़ रूपए है। केसला, सुखतवा, भौंरा, ओरछा, जतारा, राजनगर, सिंगरोली, चूरहट, डिडोंरी, बैतूल की आदिवासी महिलाओं ने मुर्गी पालन को एक व्यवसाय का रूप दिया और व्यवस्थित तरीके से मुर्गियों की सप्लाई भोपाल, बैतूल, होशंगाबाद, डिंडोरी आदि जिलों में करती हैं। हाल ही में म.प्र. वूमेन पोल्ट्री प्रोडूसर्स कम्पनी ने कीरतपुर में पैलेड फीड प्लान्ट की स्थापना की। औद्योगिकी केन्द्र विकास निगम ने कीरतपुर में 3.50 एकड़ जमीन पैलेट फीड प्लान्ट के लिए 2 करोड़ में उपलब्ध कराई है।

              इस कारखाने का निर्माण हिंदुस्तान इंजीनियरिंग इंदौर ने किया है। इस प्लान्ट की क्षमता प्रतिदिन 400 टन से अधिक है। पेलेट फीड प्लान्ट (मुर्गी दाना) द्वारा प्रति वर्ष 36 हजार टन मक्का एवं 18 हजार टन सोयाबीन खली की खरीदी की जाएगी। अभी तक मुर्गी दाने के लिए प्रदेश की आदिवासी मुर्गी पालन समितियों में छोटे-छोटे मुर्गी दाना के प्लान्ट थे। अब इनके स्थान पर कीरतपुर का कारखाना ही सबकी आपूर्ति करेगा और इस कारखाने के खुल जाने के बाद मुर्गी दाने की निर्माण लागत में कमी आएगी। पैलेट फीड प्लान्ट की स्थापना के लिए सभी सहकारी समितियों एवं म.प्र. महिला पोल्ट्री प्रोडूसर्स कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी ने अपनी 10 करोड़ रूपए की पूंजी लगाई है एवं रेवो बैंक नीदरलैण्ड ने 12 करोड़ रूपए का ऋण समिति को दिया है। पैलेट फीड फार्म में बना मुर्गी दाना सस्ता एवं पौष्टिक है। जिस तरह बच्चों के लिए सेरेलेक पाउडर आता है उसी तरह यह मुर्गी दाना औषधी से परिपूर्ण है और मुर्गी दाने के कारण कम दाना खाने में ज्यादा वजन के मुर्गे तैयार होंगे।

              महिला पोल्ट्री प्रोडूसर्स कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड कुक्कुट पालन के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को आजीविका प्रदान कर स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। इस कम्पनी से 6 हजार गरीब आदिवासी परिवार जुड़े हैं जो मुर्गी पालन कर प्रतिमाह 30 से 40 हजार रूपए कमा रहे हैं। आज इस कम्पनी की बदौलत आदिवासी महिलाओं एवं उनके परिवारो की तकदीर बदल गई है। आज आदिवासी परिवार के बच्चे बेहतरीन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। आदिवासी परिवारों के रहन-सहन में भी परिवर्तन आ गया है। अब आदिवासी परिवार बेहतर जिंदगी जी रहे हैं। इसका पूरा श्रेय मुर्गी पालन को ही जाता है। प्रोडूसर्स कम्पनी की महिला सदस्य बैतूल, सीधी, डिंडोरी, होशंगाबाद, छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, विदिशा, सिंगरोली और अनूपपुर जिले में भी है।

            गत वर्ष 6 हजार आदिवासी महिलाओं ने मुर्गीपालन कर 250 करोड़ रूपए का कारोबार किया था। वूमेन पोल्ट्री प्रोडूसर्स कम्पनी का संचालन पूरी तरह आदिवासी महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है और इसमें विशेषज्ञ जानकारों की सेवाएं भी कम्पनी लेती है। कम्पनी ने पेरेट फार्म एवं हेचरी यूनिट तिलक सिंदूर रोड स्थित ग्राम जमानी में डाली गई है। वहीं कम्पनी की केसला पोल्ट्री की सहकारी समिति जिसका वार्षिक टर्न ओवर 38 करोड़ रूपए है यह सन 2001 से होशंगाबाद के केसला, सुखतवा तथा बैतूल जिलें में कार्य कर रही है। इस पोल्ट्री समिति से 2 लाख 50 हजार बायलर चिकन मुर्गा प्रति माह विक्रय किया जाता है। होशंगाबाद एवं बैतूल जिले की 1200 आदिवासी महिलाएं 45 गांव में घर-घर सीट डालकर मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रही हैं। व्यवसाय करने के बाद इन महिलाओं की तकदीर एवं तस्वीर बदल गई है। इनके विकास कार्य को देखने के लिए स्वयं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान समय-समय पर केसला एवं बैतूल आते रहते हैं। उन्होंने इन आदिवासी महिलाओं के स्वावलंबी जीवन को नजदीक से देखा है।

              गत 25 अप्रैल को स्वयं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पैलेट फीड प्लान्ट का लोकार्पण करने कीरतपुर पहुंचे थे l  मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी महिलाएं गरीबी से जंग जीतने का प्रतीक बन गई हैं और यह पोल्ट्री प्रोड¬ूसर्स कम्पनी इसका सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेरे लिए यह बहुत ही खुशी का दिन है मैने प्रदेश में अपनी माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक सपना देखा था। मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही मैं लगातार प्रयास कर रहा हूं कि हमारी आदिवासी बहनें गरीबी से लड़े और जीतकर आगे आएं। मेरा यह सपना आज पूरा होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लान्ट का शुभारंभ करते हुए मेरा मन बहुत भावुक हो गया है। इस कम्पनी की महिलाओ ने अद्भुत कार्य कर दिखाया है उन्होंने यह साबित कर दिया है कि दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं है। हमें बस यह प्रण करना है कि हम गरीबी से लड़ेगे और जीत कर दिखा देंगे। इन महिलाओं ने जीत कर दिखा दिया है।

             मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब कीरतपुर पहुंचे तब म.प्र. वूमेन पोल्ट्री प्रोडूसर्स कम्पनी की अध्यक्ष श्रीमती सरोज बाई, केसला मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती कुंती बाई, ओरछा मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती कलाबाई, जतारा मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमला बाई, राजनगर मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुकरत बाई, सिंगरोली मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती इंन्ती देवी, चुरहट मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती शीला रावत, मैकाल मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती चंदा बाई, लटेरी मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती नर्मदी बाई, डिंडोरी मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती दीपा बाई, मैकाल लेयर मुर्गी पालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी बाई एवं देवरी मुर्गी पालन समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता रानी ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का आत्मीय स्वागत किया।