सोहागपुर :  सरकार के स्वच्छ भारत अभियान और गोरक्षा अभियान के तहत किये जा रहे दावों और वादों की पोल खोलती हुई यह तस्वीर खुद बयान कर रही है कि स्वच्छता और गोसेवा का क्या आलम है l 

नगरपालिका की लापरवाही उजागर -

             सोहागपुर के नकतरा खापा रोड पर स्थित मुक्तिधाम के सामने लगभग १५ एकड़ में फैला यह दूषित कचरा और उस कचरे को खाता गोवंश नगरपालिका की बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहा है l सवाल यह है कि आखिर क्यों नगरपालिका द्वारा कचरा लाकर यहाँ फेंका जा रहा है जो कि मनुष्यों के लिए खतरनाक तो है ही साथ ही गोवंश की भी जान का दुश्मन बना हुआ है l

प्रशासन ने पहना अंधत्व का चश्मा –

           यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है और प्रशासन अंधत्व का चश्मा धारण किये हुए हैं l मनुष्यों और गोवंश दोनों के लिए खतरनाक जानलेवा यह दूषित कचरा बेरोकटोक यहाँ फेंका जा रहा है जिस ओर किसी की नजरे इनायत नहीं है l

गोसेवक संगठनों को कार्यवाही हेतु बनाना होगा प्रशासन पर दबाव –

         गोसेवा और गोरक्षा के नाम पर कई संगठन काम कर रहे हैं l परन्तु उसके बाद भी गोवंश की यह हालत है कि उन्हें अपना पेट भरने के लिए दूषित कचरा खाना पड़ रहा है l आखिर इसका जिम्मेदार कौन है ? अब समय आ गया है कि सभी गोसेवक संगठनों को मिलकर आमूलचूल परिवर्तन हेतु प्रशासन पर दबाव बनाना होगा तभी स्वच्छ भारत और गोरक्षा जैसे अभियान सफल हो सकेंगे l

नरवाई जलाना भी एक बड़ा कारण –

      आखिर गोवंश कचरा क्यों खा रहा है ? पहले पशुओं को खाने के लिए पर्याप्त चारा-भूसा  मिल जाता था परन्तु किसानों द्वारा जमीन का दोहन कर अनाज निकालने के बाद नरवाई जलाने का जो सिलसिला शुरू हुआ है उससे आज नौबत यह आ गई है कि हमारा गोवंश कचरे से पेट भरने को मजबूर है l   

      यहाँ फैला हुआ यह कचरा वातावरण को तो दूषित कर ही रहा है अपितु इस कचरे को खाने वाले गोवंश की भी जान पर बन आई है l इस सबके बावजूद जिम्मेदारों के कानों में जू नहीं रेंग रहा है l आज जरूरत है सिस्टम में आमूलचूल परिवर्तन लाने की तभी स्वच्छ भारत अभियान और गोसेवा जैसे संकल्प पूरे हो सकते हैं नहीं तो सब कुछ भगवान् भरोसे तो चल ही रहा है l