बैतूल : आठनेर महिला बाल विकास अधिकारी की सतर्कता से नाबालिग युवती का विवाह होने से रुक गया । नाबालिग लड़की 17 वर्ष की थी और अपनी मर्जी से बगैर माता-पिता के बताएं शादी कर रही थी। थाना क्षेत्र के सवासन छिंदवाड़ गांव में  दूल्हे के घर शादी  समारोह रखा गया था । आठनेर की 17 वर्षीय  नाबालिग युवती बगैर माता पिता की रजामंदी से सवासन छिंदवाड़ के 25 वर्षीय युवक गणेश पंद्राम से शादी कर रही थी ।

        जानकारी के अनुसार सुबह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने समझाइश देकर शादी रुकवा दी थी लेकिन रात में फिर शादी की तैयारी की सूचना मिलने पर महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी नेहा यादव ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी और शादी के लिये 1 वर्ष के लिए रुकने को कहा । इस  मौके पर उनसे शपथ भी दिलवाई गई । इस दौरान महिला बाल विकास अधिकारी अकेले ही मौके पर पहुंची थी । ब्लॉक स्तरीय दल मे SDM महिला बाल विकास अधिकारी टीआई जनपद सीईओ बीईओ सहित पांच अधिकारियों की टीम नाबालिगों के विवाह रोकने के लिए बनाई गई है l  परियोजना अधिकारी नेहा यादव ने बताया कि पुलिस को सूचना दी थी लेकिन उनकी मौजूदगी के दौरान पुलिस नहीं पहुंच पाई नाबालिक के विवाह का पंचनामा बनाया गया।