होशंगाबाद :  नर्मदापुरम् संभाग के 100 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया है जिनमें आदिवासी विभाग द्वारा संचालित बैतूल के 54, होशंगाबाद के 21 विद्याथी शामिल हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग के स्कूल बैतूल के 16, होशंगाबाद के 1 एवं हरदा से 8 विद्यार्थी शामिल हैं। कमिश्नर ने उन विद्यार्थियों से आज रूबरू चर्चा की। उल्लेखनीय है कि यह विद्यार्थी अब जेईई एडवांस परीक्षा में बैठेंगे, परीक्षा 20 मई को आयोजित की जाएगी, इसके लिए क्वालिफाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी हेतु संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय में 2 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। होशंगाबाद एवं हरदा जिले के विद्यार्थियों को ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में विशेष अध्ययन कराया जा रहा है ताकि यह विद्यार्थी जेईई एडवांस परीक्षा पास कर सकें।

               विद्यार्थियों के लिए आवास, भोजन एवं अध्यापन की व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी।  शुक्रवार को नर्मदापुरम् संभाग के कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने इन विद्यार्थियों से रूबरू चर्चा की और उन्हें समझाइश दी कि विद्यार्थी स्वयं अपना मूल्यांकन करें। विद्यार्थी स्वयं तय करें कि उसे क्या पढ़ना और क्या छोड़ना हैं। कमिश्नर ने कहा कि अधिकांश लोग इंजीनियरिंग कॉलेज में जाते है किंतु जो विद्यार्थी आईआईटी एवं जेईई से पढ़कर निकलते हैं उनकी समाज में बहुत इज्जत रहती है उन विद्यार्थियों को सालाना एक से डेढ़ करोड़ रूपए की नौकरी मिलती है। उमराव ने सभी विद्यार्थियों को समझाइश दी कि उनके पास जेईई एडवांस परीक्षा में बैठने के लिए मात्र 15 दिन शेष बचे हैं, इन 15 दिनों में विद्यार्थियों और शिक्षको को मिलकर यह तय करना हैं कि हर साल इन परीक्षाओं में कौन से प्रश्न सर्वाधिक आते हैं और बार-बार आते हैं। विशेष तौर पर उस टॉपिक को देखना हैं जो हर बार आते हैं। सभी विद्यार्थी उस टॉपिक एवं प्रश्नों पर ध्यान केन्द्रित करें। साथ ही यह देखें कि जो प्रश्न उनसे नहीं बनते हैं उन प्रश्नों को वे छोड़ दें। उन प्रश्नों को हल  करने में अपना समय व्यर्थ ना करें। कमिश्नर ने कहा कि विद्यार्थी यह तय ना करें कि हमें 360 में से 360 नम्बर लाने हैं बल्कि वह यह तय करे कि हम कितना सम्मान जनक स्कोर ला सकते हैं जिससे हमे जेईई में प्रवेश मिल  सके।

             कमिश्नर ने सभी विद्यार्थियों से कहा कि वे बार-बार रिपीट होने वाले प्रश्नों को चिन्हित कर लें अपने शिक्षकों से उन प्रश्नों का उत्तर जानें शिक्षक भी बच्चों के साथ बैठकर उन प्रश्नों को हल करायें। विद्यार्थी अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करें और एक रणनीति बनाकर परीक्षा में बैंठे। श्री उमराव ने कहा कि यदि विद्यार्थी को प्रश्न समझ में नहीं आ रहा है तो वह प्रश्न हल ना करें अपितु जो प्रश्न उसे समझ में आ रहे हैं उसे पहले हल करे। हर पेपर में कम से कम 5 से 6 प्रश्न सही करें और इसके लिए कोई तुक्का ना मारें जो प्रश्न आते ही नहीं है उसे ना करेंे। शिक्षकों ने जो टॉपिक चयन किया है उस टॉपिक को मन लगा कर पढ़े। कमिश्नर ने कहा कि विद्यार्थी परीक्षा के 3 घण्टों में तनाव ना लें और सेल्फ स्टडी को भी महत्व दें।

             उन्होंने बताया कि विद्यालय में पढ़ने का टाइम टेबल एवं विषय व सिलेबस विद्यार्थियों को उपलब्ध करायें जाएंगे। डिप्टी कमिश्नर आदिवासी विकास श्री जेपी यादव ने बताया कि पूर्व में आदिम जाति विभाग के स्कूलों के बच्चे जेईई या नीट में क्वालिफाई नहीं कर पाते थे किंतु श्री उमकांत उमराव के आदिम जाति विभाग के कमिश्नर बनने के बाद इस ओर ध्यान दिया गया। वर्ष 2013 में एक भी विद्यार्थी जेईई में नहीं गया लेकिन उसके बाद विद्यार्थी लगातार जेईई में सफल होते गए आज की स्थिति में आदिवासी विभाग द्वारा संचालित स्कूलों के 500 बच्चों ने जेईई में क्वालिफाई किया है।

           उन्होंने बताया कि आदिवासी स्कूलों की प्रतिभा खत्म ना हो जाए इसलिए प्रचार्यों एवं शिक्षकों के साथ मिलकर विशेष रणनीति बनाई गई और इसी का परिणाम है कि आज नर्मदापुरम् संभाग के 100 विद्यार्थियों ने जेईई में क्वालिफाई किया है। अगले वर्ष लगभग 150 से 200 विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाइश दी कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, 15 दिन शेष हैं मेहनत कर परीक्षा में सफल होवे। उन्होंने बताया कि आईआईटी में अनुसूचित जाति जनजाति के विद्यार्थियों की फीस नहीं लगती है उनकी फीस शासन द्वारा भरी जाती है l कार्यक्रम में उपसंचालक शिक्षा श्रीमती वंदना दुबे, सहायक संचालक श्री भरत शर्मा, विषय वार शिक्षक गण एवं विद्यार्थीगण मौजूद थे।