जबलपुर : खबर आ रही है कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सरकारी, गैर सरकारी उपक्रमों पर हजारों करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का आरोप है कि पिछले 3  वर्षों में उपरोक्त मुद्दों पर केवल कागजों में फर्जी तरीके से दिखाकर अरबों रुपए का घोटाला किया गया है ।

            मंच के प्रांतीय संयोजक मनीष शर्मा ने बताया कि राज्य सभा में प्रदत्त जानकारी 228 कंपनियों द्वारा वर्ष 2014 से 2016-17 के मध्य सीएसआर के तहत कुल 28112 करोड़ रुपए कार्पोरेट सामाजिक दायित्व की विभिन्न योजनाओं में व्यय करना बताया, परंतु उक्त धनराशि से 11093 करोड़ के फर्जी विकास कार्य संबंधी जानकारी दी गई। जिन्हें विभिन्न एनजीओ के माध्यम से किया जाना बताया गया है।

प्रदेश में 500 करोड़ का घोटाला - 

           मंच के प्रांतीय संयोजक ने बताया कि सीएसआर के अंतर्गत कंपनियों द्वारा फर्जी विकास कार्यों की जानकारी में प्रदेश में 2014 में 137.15 करोड़, 2015 में 178.94 करोड़ तथा 2016-17 में 213.48 करोड़ रुपए कुल 529.57 करोड़ के फर्जी विकास कार्य बताए गए।

अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं - 

          मंच के डॉ. राकेश चक्रवर्ती, गिनेन्द्र कपूर, अनुराग डेंगरे, राकेश समुंद्रे, राहुल जायसवाल आदि का आरोप है कि हजारों करोड़ रुपए फर्जी विकास कार्य घोटाले में सरकार द्वारा अभी तक कोई भी दोषी कंपनियों पर कार्रवाई नहीं की गई।