भोपाल :  आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत के हालिया बयान पर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश के बच्चे अगर पढ़ाई में ठीक नहीं हैं और उनकी क्षमताएं कम हैं, तो इसका सीधा अर्थ है कि हमारे मुख्यमंत्री फेल हुए हैं। बीते 14 सालों में प्रदेश सरकार सामान्य शिक्षा भी मुहैया नहीं करा पा रही है। वे नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत के उस बयान पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें श्री कांत ने कहा है कि मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों के कारण देश पीछे जा रहा है। नीति आयोग के प्रमुख के मुताबिक शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें देश की स्थिति अच्छी नहीं है। ये देश की विकास दर को पीछे ढकेल रहे हैं। इन मामले में उन्होंने मध्य प्रदेश को बेहद पिछड़ा बताया है।

          अग्रवाल ने सोशल प्लेटफार्म ट्विटर पर लिखा है कि नीति आयोग के सीईओ का बयान - मध्य प्रदेश के 5 वीं क्लास के बच्चे 3री क्लास जितना भी नहीं जानते.. वह यह बता दें कि इसका अर्थ बच्चे फेल हुए कि शिवराज मामा? उन्होंने आगे कहा है कि कि अगर प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता बेहद खराब है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिम्मेदार हैं और उन्हें प्रदेश की जनता सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि नीति आयोग के प्रमुख को सार्वजनिक मंच से यह कहना पड़ रहा है कि प्रदेश के कक्षा 5 में पढऩे वाले बच्चे कक्षा 2 और 3 के स्तर का भी नहीं है। यही नहीं कक्षा 5 में पढऩे वाले बच्चे अपनी मातृभाषा को भी नहीं पढ़ पाते हैं। इसके अलावा नीति आयोग ने शिशु मृत्यु दर पर भी सवाल उठाया है।

         अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग की इस आलोचना को प्रदेश के मुखिया सकारात्मक रूप से लें और सोचें आखिर उन्होंने पिछले 14 साल में वह प्रदेश को किस दिशा में लाए हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने देश निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई है, लेकिन शिवराज सिंह के राज में हर रोज 14 बलात्कार होते हैं। ऐसे में महिलाएं शासन, प्रशासन से लेकर सामाजिक स्तर तक पर कैसे आगे आ सकती हैं?

मीडिया सेल
आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश