भोपाल : कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे ने विभिन्न आंदोलन, प्रदर्शन में शामिल होने वाले शासकीय सेवकों के लिए चेतावनी जारी की है। जारी आदेश अनुसार जिले में स्थित कार्यालयों के शासकीय अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित आंदोलन, धरना, प्रदर्शन, सभाओं का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन करते हैं या कार्यालय से अनुपस्थित होकर या सार्वजनिक अवकाश लेकर इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। ऐसे आंदोलन से राज्य की सुरक्षा, प्रभुता, अखंडता, लोक प्रशांति व्यवस्था, शिष्टता एवं  नैतिकता प्रभावित होती है। जिसके परिणास्वरूप हिंसा तथा सार्वजनिक संपत्ति को हानी पहुंचती है। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। 

        मप्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत यह आचरण प्रतिबंधित होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। शासकीय अधिकारी-कर्मचारी द्वारा इस प्रकार के कृत्य में अनधिकृत रूप से अनुपस्थिति को ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा। संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे इस प्रकार की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें तथा उपरोक्तानुसार कदाचरण करने वाले कर्मचारी एवं अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करें।