होशंगाबाद - कलेक्ट्रेट के रेवा सभाकक्ष में आयोजित कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा कि किसी भी संगठन को रैली या जुलूस निकालने अथवा प्रदर्शन करने के पूर्व प्रशासन से कम से कम 2 दिन पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रदर्शन का उद्देश्य, जगह, रैली द्वारा उपयोग में लाया जाने वाला मार्ग, प्रदर्शन की अवधि एवं इसमें शामिल होने वाले लोगों की अनुमानित संख्या की सूचना देना आवश्यक होगा। अगर कोई भी संगठन बिना प्रशासन की अनुमति के किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करता है तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी एवं प्रशासन द्वारा ऐसे प्रदर्शन को रोका जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सभी संगठनों के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से हो। प्रदर्शन में किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्र एवं लाठी का प्रयोग पूर्णत: वर्जित होगा। प्रदर्शन में उपयोग होने वाले झण्डों में भी बडी लाठी का प्रयोग नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि अगर इस प्रकार की रैली या प्रदर्शन में कोई व्यक्ति शराब पीकर सम्मिलित होता है तो उसके विरूद्ध प्रशासन द्वारा धारा 151 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठनों के पदाधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि जिन शर्तों पर प्रदर्शन के लिए अनुमति प्रदान की गई है उनका यथावत पालन किया जाए। समय पर प्रदर्शन की अवधि, जगह आदि में किसी भी प्रकार का बदलाव ना किया जाए। उन्होंने कहा कि अनुमति उपरांत प्रदर्शन करने पर प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी समुदाय के प्रदर्शन के दौरान उनके सामने आकर उन्हें उग्रता के लिए उकसाना बरदाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो प्रशासन एवं पुलिस उन्हें उतनी ही मजबूती से रोकेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को स्वयं ऐसे उकसाने वाले तत्वों का जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। अगर कहीं पर ऐसी घटना होती है तो प्रशासन को सूचना दें एवं प्रशासन अवश्य कार्यवाही करेगा। किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में ना लें। कलेक्टर ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी वर्ग या समुदाय विशेष को आहत करने वाला पोस्ट करने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही की जाएगी। वॉट्सएप पर विभिन्न ग्रुपों के एडमिन इस बात पर ध्यान दें कि उनक ग्रुप में इस तरह की कोई पोस्ट ना की जाए अन्यथा पोस्ट करने वाले के साथ-साथ एडमिन पर भी कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी संगठन के पदाधिकारियों को लगता है कि कोई व्यक्ति उनके प्रदर्शन में हिंसा फैला सकते हैं या माहौल खराब कर सकते हैं तो प्रदर्शन के पूर्व इसकी सूचना प्रशासन को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि होशंगाबाद में हमेशा से साम्प्रदायिक एवं जातीय सौहार्द की परंपरा रही है एवं हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि आने वाले दिनों में होशंगाबाद पूरे प्रदेश एवं देश के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करें।
बैठक में प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री मिथलेश शुक्ला ने कहा कि सभी संगठनों के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिन शर्तों के अंतर्गत प्रदर्शन की अनुमति दी गई है उनका पालन किया जाए। ऐसा करने पर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। अपने संगठन के सभी सदस्यों को इसके बारे में अवश्य सूचित करें। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शशांक गर्ग ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों को बढ़ावा ना दें। लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए सामान्य विरोध प्रदर्शन को उग्र बनाते हैं इसलिए सभी संगठनों के पदाधिकारी प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से अधिकृत व्यक्तियों की जिम्मेदारी लें एवं यदि कोई बाहरी व्यक्ति माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री मनोज सरियाम, डिप्टी कलेक्टर श्री अभिषेक गहलोत, पुलिस विभाग के अधिकारीगण तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।