होशंगाबाद -  10 अप्रैल के दिन देश एवं प्रदेश के कुछ संगठन आंदोलन करने वाले हैं। उक्त आंदोलन से शांति पूर्वक निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मिलकर तैयारियां सुनिश्चित करें। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ कम्युनिकेशन बनाकर चलें। कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकगण सभी संगठनों के प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों से सतत संपर्क में रहें। आंदोलन किसी भी स्थिति में हिंसक ना हो और आंदोलन शांति पूर्वक ही हो इस चीज का ख्याल रखा जाए और इसके लिए पूर्व से ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उक्त निर्देश आज प्रदेश के मुख्य सचिव श्री बीपी सिंह ने प्रदेश के सभी संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से दिए।

               उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल एवं 14 अप्रैल दो ऐसी तिथियां हैं कि हमें इस दिन सामान्य से हट कर तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक ऐसे एरिया चिन्हित करें जहां उन्हें लगता है कि कुछ कठिनाईयां आएंगी। ऐसे एरिया के लिए पूर्व से ही आर्मी की मांग करें। आर्मी को मार्च के लिए तैयार रखें। मुख्य सचिव ने कहा कि इस दौरान कोई भी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक मुख्यालय ना छोड़ें। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। श्री सिंह ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे ग्राम के ग्राम सहायक, पटवारी, कोटवार एवं ग्राम स्तर के सभी कर्मचारियों से सतत संपर्क रखें ताकि इस अवधि के दौरान गांव में चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके। श्री सिंह ने हिदायत दी कि 10 अप्रैल को एवं 14 अप्रैल को किसी भी जाति विशेष के लोग जुलूस लेकर आमने सामने ना आएं। उन्होंने कहा कि कतिपय असमाजिक तत्व भगवान या किसी महापुरूष की मूर्ति तोड़ देते हैं इससे अनावश्यक तनाव उत्पन्न होता है। इस स्थिति से निपटने के लिए सभी मूर्तियों के पास ग्राम रक्षा समिति के सदस्य एवं नगरपालिका के स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाए।

             प्रदेश के डीजीपी श्री ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि 10 अप्रैल एवं 14 अप्रैल के दिन सभी पुलिस अधीक्षकों के लिए एक चैलेंज हो सकता है इससे शांति पूर्वक निपटने के लिए जमीनी स्तर पर हमारी तैयारी पुख्ता होनी चाहिए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को एक टीम के रूप में पिरोना जरूरी है सभी से सतत संवाद रखा जाए। सभी जातियों के लोगों से कम्युनिकेशन बनाकर कार्य किया जाए। श्री शुक्ला ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे समन्वय बनाकर कार्य करें। किसी भी जुलूस एवं जलसे की अनुमति सोच समझकर ही देंवे। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों व सामाजिक समरस्ता को महत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही संविधान के प्रति न्याय दिलाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

           उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि किन असामाजिक तत्वों विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करनी हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि अधिकारीगण अपने-अपने जिले की परिस्थितियों के अनुसार कार्य करें। यह प्रयास करें कि कानून व्यवस्था की स्थिति भंग ना होने पाए और किसी भी स्थिति में क्षति की स्थिति ना हों। श्री शुक्ला ने कहा कि कलेक्टर के पास जो सूचनाएं आती हैं उसे वे साझा करें और सभी पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन 11 बजे उन्हें रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके अलावा जहां जहां भी फोर्स की आवश्यकता है उसकी मांग करें। श्री शुक्ला ने कहा कि इस दौरान मीडिया से भी सतत संपर्क रख उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया जाए।

          जिले के एनआईसी कक्ष में नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव, आईजी श्री आरके गुप्ता,कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री मिथलेश शुक्ला, अपर कलेक्टर श्री मनोज सरियाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शशांक गर्ग सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।