उमरिया -  करकेली जनपद के पठारी कला,मझमानी सहित कई गांव पिछले कई दिनों से उल्टी दस्त से पीड़ित बताये जा रहे है, मुख्यालय से दूर होने की वजह से प्रभावित गांव में आदिवासी परिवार एवम उनके मासूम बच्चे कई दिनों तक प्रभावित रहे है, दुखद पहलू यह है कि प्रभावित गांव में स्वास्थ्य अमला करीब 48 घण्टे बाद सजग हो सका है । जानकारी के बाद कलेक्टर ने मामले में गम्भीरता बरती है और तत्काल एसडीएम बांधवगढ़ सहित टीम गठित कर मौके पर रवाना किया है l साथ ही स्वास्थ्य अमले को भी मौके पर भेजने निर्देशित किया है। 

             बताया जाता है कि ग्राम पठारी कला में ग्रामीणों ने शासकीय दुकान से आयोडॉइस्ड नमक लिया था, जिसके बाद ही ग्रामीण उल्टी दस्त के शिकार हो गए थे। ग्रामीणों की माने तो इसी नमक के उपयोग के बाद गांव में उल्टी दस्त के प्रकोप की शुरुवात हुई है, जिसमे दर्जन भर से अधिक मासूम बच्चो के साथ बूढ़े पुरुष एवम महिलाएं प्रभावित हुई है। बातचीत के दौरान प्रभावित स्थानीय महिला सुशीला सिंह ने बताया कि सोसाइटी से कई ग्रामीणों ने नमक लिया था, इस नमक को घरेलू पकवान में जैसे ही डाला जाता था, वैसे ही पूरा पकवान काले रंग का हो रहा था, ग्रामीण जहरीले नमक को समझ नही पाए,और जिन ग्रामीणों ने खाने में उक्त नमक का सेवन किया वह सभी उल्टी दस्त के प्रकोप से प्रभावित है।

            उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्तम सिंह,दुर्गा सिंह,भागवती सिंह,गोमती सिंह सहित इनके परिवार के मासूम बच्चे प्रभावित है।इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासन स्तर से गरीब पात्र हितग्रहियों को प्रदाय आयोडाइस्ड नमक किन कारणों से विषैला हुवा,और अगर यह विषैला था,तो इसे ग्रामीण अंचलों में वितरण के लिए क्यों भेजा गया।ऐसे मामलों में जरूरी है कि आवश्यक जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।इस मामले में एसडीएम ऋषि पवार ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर प्रभावित गांव मय टीम के साथ गया था,जहा से विषाक्त भोजन के सैंपल लिए गये है,जिसकी जांच सीएमएचओ के निर्देशन में कराई जा रही है।