होशंगाबाद - राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड ने मशरूम उत्पादन पर आजीविका उद्यमिता कार्यक्रम का शुभारंभ आज ग्राम निमसाडिया में किया। बताया गया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लगभग 100 ग्रामीण महिलाओं को आजीविका की वैकल्पिक सुविधा प्रदान करके एक समग्र दृष्टिकोण से महिला सदस्यों की आय स्तर को बढाना था। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधकनरेश तिजारे ने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन युक्ति समाज सेवा सोसायटी नाबार्ड के सहयोग से करेगी।
इस अवसर पर मौजूद नाबार्ड के महाप्रबंधकअनूप कुमार ने बताया कि ग्रामीण कृषि क्षेत्र के अंतर्गत व्यवहार गतिविधियों के लिए संभावना, सर्वेक्षण, क्षमता निर्माण, बुनियादी सुविधाएं, सहयोग सेवाएं, विपणन आदि के पहलुओ को शामिल किया जाएगा। शुरू से लेकर अंत तक समाधान के भाग रूप में विविध हितधारकों की उपलब्धता के आधार पर सहयोग के लिए एक अथवा सभी गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है। इस परियोजना प्रशिक्षण में महिलाएं अपना उत्पाद बेंच सके तथा भविष्य में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए बाजार की फीडबेक से लाभांवित हो सके। इस बात को ध्यान में रखा जाएगा।
तिजारे ने कहा कि महिलाओं को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिसमें पूर्ण मूल्य श्रृंखला शामिल है और एसएचजी सदस्यों को स्टार्ट टू एंड समाधान प्रदान करता है। ग्रामीण बैंक क्षेत्रिय प्रबंधक तिवारी ने बैंक के स्तर पर महिलाओं को बैंक ऋण देने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। शाखा प्रबंधक दुबे ने सेख से जुडे समूह की सराहना करते हुए ऋण देने की संभावना जताई। बताया गया कि महिलाओं को ट्रेनिंग देने के लिए मास्टर ट्रेनर के तौर पर सार्इं एग्रो मशरूम एवं उद्यानिकी विभाग का पूरा सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम में महिलाओं में काफी उत्साह रहा। लगभग 90 महिलाएं कार्यक्रम में मौजूद थी।