उमरिया - विवाहित युवक ने आदिवासी युवती से कोर्ट मैरिज कर पहले तो 3 वर्ष तक पीड़िता को मायके में ही रख कर दैहिक शोषण किया,बाद में पीड़िता के गर्भ ठहरने के बाद परिवार ने उसे अन्यत्र ले जाने का दबाव बनाया तो युवक उसे गांव में ही दूसरी जगह रखकर उसे छोड़ दिया और वापस अपनी पहली पत्नी के पास चला आया।

           इस मामले से परेशान गर्भवती पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपनी व्यथा सुनाई है l जिस पर पुलिस अधीक्षक ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है । बताया जाता है कि कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम घँघरी(आदिवासी मोहल्ला) निवासी अनिल पिता हरी लाल कोल उम्र 30 वर्ष ने विवाहित होने के बाद भी स्थानीय भैरो मोहल्ला निवासी युवती से प्रेम सम्बन्ध बनाकर विवाह कर लिया, विवाह उपरांत युवती को युवक ने उसके मायके मे ही रहने दिया, इस बीच पीड़िता ने गर्भ धारण किया , जिसके बाद महिला के परिजनों ने पीड़िता को अलग रखने हेतु युवक पर दबाव बनाया, बताया जाता है कि अभी कुछ माह पूर्व युवक ने उसे गांव में ही अपने घर से कुछ दूर कही रख दिया था,और बाद में उसे वही छोड़कर भाग गया है l

         जानकारी के अनुसार पीड़ित आदिवासी महिला ने करीब 3 वर्ष पूर्व दूसरे समाज में प्रेम सम्बन्ध के चलते विवाह कर लिया था,जिस वजह से अब घर वाले भी पूरी तरह सहयोग नही कर रहे है,वही अब विवाहित प्रेमी पति ने भी छोड़ दिया है,जिससे वह परेशान है। घटना से घबराई पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपनी व्यथा सुनाई है,देखना होगा आदिवासी गर्भवती पीड़ित महिला को कब तक न्याय मिल पाता है।