होशंगाबाद - गद्दार की कोई जात नहीं होती और बेईमान का कोई मजहब l सफलता आखिर मिलेगी कैसे, बड़े ही शर्म की बात है कि वतन में रहकर कलम से गद्दारी जैसा अक्षम्य अपराध करने का मामला उजागर हुआ है l 

            दरअसल पत्रकारिता को धंधा बनाकर स्वयं को सरस्वती पुत्र बताने वालों ने सीधे साधे लोगों को मूर्ख बनाकर लूट मचा रखी है l अब यह लोग फर्जीवाड़े करने तक से नही डर रहे हैं l खबर छापकर वसूली होते तो सुना है लेकिन मुखोटा लगाकर वसूली करने वाले शायद नही सुने होंगे l जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे कई चेहरे l हकीक़त सामने आकर ही रहेगी l अब बेरोजगारी के दौर से गुजर रही पढ़ी लिखी युवा पीढ़ी की काबिलियत का सवाल है l

          कुछ तथाकथित लोगों द्वारा एक प्रेस ग्रुप के नाम से अनाधिकृत तरीके से उसकी माइक आईडी का उपयोग करते हुए सोसल मीडिया पर देखा गया था l फर्जी व्हाट्स अप ग्रुप बनाकर भी अन्य लोगों को बरगलाने का काम किया जा रहा है l इन सभी अनाधिकृत लोगों पर साईबर क्राइम के नियमों के अंतर्गत धोखाधड़ी का मुकदमा दायर होने के आसार बन रहे हैं l एक प्रेस ग्रुप में शेर की खाल में कई भेडिये सामने आने की सनसनीखेज खबर के चलते जल्द ही कई चेहरे बेनकाब होंगे l