होशंगाबाद -   नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने आज नर्मदापुरम् संभाग के होशंगाबाद, हरदा एवं बैतूल जिले की उन सड़क मार्गों की समीक्षा की जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं और इससे बहुतायत में जान माल की हानि होती है। कमिश्नर ने सड़को पर होने वाली हेवी ट्रेफिक की भी समीक्षा की।

               उन्होंने बताया कि होशंगाबाद में प्रति वर्ष 150 सड़क दुर्घटना, बैतूल में 200 एवं हरदा में लगभग 50 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव उपाए करने के निर्देश उन्होंने जिला परिवहन अधिकारियों एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। कमिश्नर ने कहा कि सड़क दुर्घटना को कैसे रोका जाए इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे। जिला परिवहन अधिकारी होशंगाबाद ने बताया कि होशंगाबाद में ऐसे 21 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं जहां दुर्घटना की संभावना रहती है। रोड़ इंजीनियरिंग के फॉल्ट के कारण यह दुर्घटनाएं होती हैं यदि हम इस फॉल्ट को ठीक कर लें तो सड़क दुर्घटनाएं रूक जाएंगी। उन्होंने बताया कि रानी पिपरिया में टर्निंग के कारण लाघाबम्होरी में सडक की डिजाइन के कारण दुर्घटनाएं होती हैं यदि यहां पर स्पीड ब्रोकर बनाएं जाएं तो वाहन की गति धीमी हो जाएगी और दुर्घटना रूक जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने सुझाव दिया कि ऐसी रोडों में रैलिंग, डिवाइडर लगाए जायें ताकि दुर्घटनाएं रूक जाएं।

             कमिश्नर उमराव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनकी तरफ से एनएच एवं एमपीआरडीसी को पत्र लिखा जाए कि रोड  निर्माण करते समय ब्लैक स्पॉट का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए वहां डिवाइडर, स्पीड ब्रोकर, आई लैण्ड बनाए जाएं। कमिश्नर ने कहा कि कई बार सडक दुर्घटनाएं वाहनों के कारण, ड्राइवर की गलती से और कई बार सड़कों के स्टेक्चर के डिजाइन के कारण होती है। इसलिए अब प्रधान मंत्री सडक योजना द्वार जेमेस्ट्रिक डिजाइन को महत्व दिया जा रहा है।

            उन्होंने कहा कि यदि हम ब्लैक स्पॉट वाली रोड पर आई लैण्ड बना दें तो व्यक्ति गाडी धीमी कर लेगा और संभावित सडक दुर्घटना नहीं घटेगी। कमिश्नर कहा कि संबंधित विभाग ना केवल मेन रोड पर अपितु छोटी रोड पर भी आईलैण्ड बनाएं स्कूल के पास एवं जक्शन के पास स्पीड ब्रोकर बनाएं तो दुर्घटना को टाला जा सकता है। उन्होंने ब्लैक स्पॉट की सूची एमपीआरडीसी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि संबंधित निर्माण एजेंसी सर्वप्रथम नक्शे बनाए डीपीआर तैयार करे और स्वयं भ्रमण करें उसके पश्चात रोड का निर्माण करे। उमराव ने आवारा जानवरों के सींगों पर रिफलेक्टर लगाने के लिए सुझाव पशु चिकित्सा विभाग एवं नगरीय निकाय से आमंत्रित किए। उन्होंने सभी मंडी सचिव के लिए निर्देश जारी किए कि वे रबी 2018 में फसल के क्रिय विक्रय के दौरान मंडियों में आने वाले सभी ट्रेक्टर-ट्रॉली के पीछे रिफलेक्टर लगाएं। उन्होंने कई ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में एक ही लाईट लगी होने और इससे दुर्घटना होने की संभावना पर भी विचार किया।