हरदा - माननीय उच्च न्यायालय ने 11.79 लाख रुपये के PHE विभाग में हुए घोटाले की जाँच हेतु अधिवक्ता सुभाष चन्द्र सोनी के द्वारा दायर जनहित याचिका में सुनवाई करते हुए 7 विभागों एवं अधिकारियों को नोटिस भेजा है l जिनसे 21/03/2018 तक जवाब माँगा गया है l
जिन विभागों ओर अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है उनमे प्रमुख हैं, मुख्य सचिव बल्लभ भवन भोपाल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी पीएचई भोपाल, सुप्रिनटेनडेंट इंजीनियर पीएचई भोपाल, लोकायुक्त भोपाल म.प्र., स्टेशन हाउस ऑफिसर l
यह है मामला -
जानकारी के अनुसार PHE होशंगाबाद संभाग में हरदा जिले के कुछ गांवों में करीब 9 जगहों पर निर्माण कार्य करवाए गए थे l जिसकी जानकारी होने पर हरदा के RTI कार्यकर्ता विजय बजाज ने RTI आवेदन के अंतर्गत कुछ जानकारी मांगी थी जिसमे चौकाने वाली जानकारियां सामने आई है, जैसे की -बजट का आवंटन नहीं हुआ था, निविदा सूचना नहीं दी गयी थी, ना ही निविदा किन्ही भी ठेकेदारों ने नहीं भरी थी, वर्क आदेश भी नहीं निकाला गया था, बगैर बजट आवंटन और निविदा सूचना, बगैर निविदा भरे, बगैर वर्क आदेश, के ही कुछ तीन ठेकेदारों को काम का आदेश दिया गया, तत्पश्चात भुगतान भी कर दिया गया |
जब बजट आवंटन नहीं हुआ था, निविदा सूचना नहीं निकाली गई थी तो ठेकेदारों को कहाँ से, कैसे, किस प्रकार से पता चल गया कि कौन सा निर्माण कार्य, कहाँ पर, कैसे, किन मानको के आधार पर करना है, गुणवत्ता क्या होगी, जांच या निरिक्षण कौन करेगा, कितने पैसों में करना, बिल किसको देना है, भुगतान कौन, कैसे, क्यूँ, करेगा एवं PHE विभाग होशंगाबाद को कैसे पता चल गया की, किस ठेकेदार ने, कौन सा काम, किस तरह, कैसे, कितने पैसो में, करेगा या किया है, और किस ठेकेदार को, किस कार्य के लिए, कितना भुगतान, किस मद से, कहाँ से, करना है |
उपरोक्त सम्पूर्ण प्रकरण में ठेकेदारों को रुपये 11.79 लाख का भुगतान क्यों कर दिया गया l उपरोक्त समस्त जानकारियाँ RTI आवेदन में प्राप्त होने के उपरांत , आर टी आई कार्यकर्ता बजाज ने उक्त गंभीर गबन/ घोटाले की लिखित शिकायत PHE विभाग वल्लभ भवन में, आर्थिक अपराध शाखा म.प्र. और लोकायुक्त म.प्र. को भी की थी, लेकिन इन विभागों द्वारा कोई भी कार्यावाही नहीं की गई है l
अब चूँकि RTI कार्यकर्ता विजय बजाज द्वारा, अधिवक्ता सुभाष चन्द्र सोनी के माध्यम इस समस्त प्रकरण की जांच हेतु, दायर की गई जनहित याचिका में सुनवाई करते हुए, माननीय उच्च न्यायालय म.प्र. की मुख्य पीठ जबलपुर ने, म.प्र. शासन समेत समस्त उपरोक्त 07 लोगों/ विभागों को नोटिस देते हुए दिनांक 21/3/2018 तक जवाब तलब किया है | नोटिस की प्रतियाँ माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा सभी को भेजी गयी थी जो की अब तक प्राप्त हो चुकी है | याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में दोषी व गबन कृत्य पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही प्रारंभ करने की प्रार्थना भी की है |