नई दिल्ली - खबर आ रही है कि भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाली सेतुसमुद्रम परियोजना के लिए सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा दिया है कि रामसेतु को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा l सरकार के इस कदम से बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी वह याचिका रद्द हो सकती है, जो उन्होंने सेतुसमुद्रम परियोजना के खिलाफ दायर की थी l रामसेतु की लंबाई करीब 48 किमी है और इस कारण जहाजों को लम्बा रास्ता तय करना पड़ता है l

              सुप्रीमकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि केंद्र सरकार राष्ट्र हित में रामसेतु को बिना नुकसान पहुंचाए सेतुसमुद्रम परियोजना कप पूरा करने के विकल्प खोज रही है l जानकारी के अनुसार केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय की ओर से प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ को सूचित किया गया कि उसने पूर्व की सेतुसमुद्रम समुद्री मार्ग परियोजना का विकल्प तलाशने का फैसला किया है l