बलिया - छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली खुनी तांडव करके चले गये परन्तु उसके निशान शहीद जवानों के परिजनों के सीने में हमेशा रहेंगे l जानकारी के अनुसार सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए बलिया निवासी मनोज सिंह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं l परिवार के साथ होली मनाने के बाद ९ मार्च को ही वह ड्यूटी पर लौटे थे l आते समय अपनी पत्नी से कहकर आये थे कि मई माह में जल्दी ही आयेंगे ओर अपने दोनों बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला करवाएंगे l लेकिन किसी को क्या पता था कि गाँव का ये शेरदिल जवान अब कभी वापस नहीं आएगा l 

          सुकमा में नक्सली हमले में एक धमाके में मनोज सिंह शहीद हो गए l अपने बेटे की शहादत से उनके ७० वर्षीय पिता बिलकुल टूट गए हैं l वह कभी अपनी पत्नी तो कभी मनोज के बच्चों को संतावना देते हैं ओर कभी खुद फूट-फूटकर रोने लगते हैं l सारे परिवार का यही हाल है l रोते रोते वह कहते हैं कि मुझे अपने बेटे पर नाज़ है l शहीद मनोज संघ के पिता नारायणसिंह भी फौज से रिटायर्ड हैं l