उमरिया - पुलिस ने पिछले 23 माह से फरार पशु विभाग के सप्लायर बलभद्र पिता छोटे लाल यादव निवासी इंद्रा नगर कटनी को ग्वालियर के बहोडापुर (उर्वयी गेट) ग्वालियर से गिरफ्तार किया है।फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले से जुड़े अन्य कई सफेदपोशों के गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।
इस मामले में जांच अधिकारी अलका पटेल ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध अपराध क्र 162/16 धारा 420,120 बी आपराधिक षड्यंत्र का मामला कायम है आरोपी की गिरफ्तारी के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड में लिया गया है।इस मामले में मुख्य आरोपी सप्लायर बलभद्र के गिरफ्तारी से तत्कालीन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर गोपाल कृष्ण आर्या समेत कई पशु चिकित्सक पर भी गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
विदित हो कि सरकार की योजना अंतर्गत पशु विभाग ने जिले के गरीब एवम पात्र हितग्रहियों को स्वरोजगार बनाने वर्ष 2016 में बकरी एवम बकरों का वितरण किया जाना था,इस योजना में विभाग ने सिर्फ करकेली जनपद के 43 हितग्रहियों का चयन कर वितरण कर दिया गया।चयनित हितग्रहियों को 33000 के बकरी बकरा योजनांतर्गत 50 फीसदी अनुदान में विभागीय सप्लायर बलभद्र यादव ने वितरण भी कर दिया।वितरण के बाद इस मामले में कई पात्र हितग्रहियों ने तत्कालीन कलेक्टर के समक्ष पहुंचकर अपनी आप बीती बताई और कहा कि इस योजना का लाभ हमसभी को नही मिला है सिर्फ कागजों में ही हमे लाभ दिया गया है।
कलेक्टर ने इस मामले में विभागीय जांच के बाद विभाग को एफआईआर कराने निर्देशित किया था।दरअसल पात्र हितग्रहियों के वितरण से पूर्व इस योजना सम्बन्धी दस्तवेज सम्बन्धित पशु चिकित्सक,बैंक, विभाग सहित कई अधिकारियों के पास से होकर गुजरता है,जांच के दौरान पुलिस उन विभागीय अधिकारियों,कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है जिनका सम्बन्ध इस योजना में पात्र हितग्रहियों को बकरी वितरण कर योजना का लाभ दिलाना था। बताया यह भी जाता है कि फरार आरोपी अपने फरारी के दौरान प्रदेश के कई जिलों में विभाग को पशुओ की सप्लाई में शामिल रहा है।