होशंगाबाद - नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में होशंगाबाद जिले में माँ नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन तटवर्तीय क्षेत्र में लगाए गए पौधों की देख-रेख हेतु विशेष प्रयास लगातार किए जा रहे है। इन प्रयासों के तहत पौधो को जानवरों से बचाने के लिए तारफेंसिंग, बागुड़ लगाई जा रही है। इसके अलावा भीषण गर्मी में पौधे जीवित रहे इसलिए पौधों में सिंचाई भी की जा रही है। अब तक जिले के दानदाता संस्थाओं द्वारा पौधों की सिंचाई हेतु मोटर पंप दान किए गए हैं। इन मोटर पंपों का समुचित उपयोग भी किया जा रहा है।
सभी को रिपेरियन जोन से जोड़ने के लिए गत 6 मार्च को नर्मदा नदी के सभी 68 ग्रामों में और होशंगाबाद शहर में प्रकृति रंग उत्सव का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। रिपेरियन जोन में पौधों की सुरक्षा के लिए विदेशी संस्था द नेचुरल कनवरजैंसी ने हाथ बढ़ाए हैं। आज दक्षिण अफ्रीका से आए श्री कैरिग लीसर ने कमिश्नर श्री उमराव से कमिश्नर चेंबर में मुलाकात की। श्री कैरिग लीसर दक्षिण अफ्रीका की द नेचुरल कनवरजैंसी के डायरेक्टर हैं जो पर्यावरण तथा जैव विविधिता के विशेषज्ञ हैं और प्रकृति के सरंक्षण के लिए कार्य करतें है।
आज उन्होंने ग्राम धानसी का भ्रमण किया। पौने तीन किलोमीटर के रिपेरियन जोन का उन्होंने ट्रेक किया। उन्होंने रिपेरियन जोन के तकनीकी पक्षों को देखा साथ ही गांव वालों से बात चीत की और यह तय किया कि रिपेरियन जोन में कौन सी वनस्पति पौधे और लगाए जाएं। भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि पौधे तो सही हालत में हैं किंतु पौधों में सिंचाई एवं सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि द नेचुरल कनवरजैंसी द्वारा पौधों की सुरक्षा हेतु एवं पौधों में सिंचाई हेतु हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे रिपेरियन जोन के एक हिस्से में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। ग्राम धानसी में 20 एकड़ में जंगल एवं वन का घनत्व है यहां प्राकृतिक वातावरण है।
कमिश्नर ने बताया कि ग्राम धानसी को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है और यहां 500 प्रकार के वनस्पतिक पौधों का रोपण किया जा सकता है। वन्य बाहुल्य होने की वजह से यहां पक्षियो की, मोर की आवाजाही भी है। श्री लीसर ने कहा कि रिपेरियन जोन के एक हिस्से में उनके द्वारा योगदान किया जा सकता है। कमिश्नर ने कहा कि नर्मदा पवित्र सर्वदा अभियान एक महत्वपूर्ण अभियान हैं बिना सभी के सहयोग से यह अभियान सफल नहीं हो सकता और ना हीं लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। कमिश्नर ने कहा कि नर्मदा नदी की लंबी जिंदगी के लिए आवश्यक है कि समाज के सहयोग से रिपेरियन जोन पर कार्य किया जाए। कमिश्नर ने उन्हें अवगत कराया कि पिछले 3-4 माह से युद्ध स्तर पर पौधों की सुरक्षा हेतु तार फेंसिंग एवं पौधो में सिंचाई के लिए पंप एकत्रित किए गए हैं।
कमिश्नर ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हमारी आने वाली पीढ़ी नर्मदा के जल से वंचित ना रहे। पहले चरण मे हम अपने अभियान में काफी हद तक सफल रहे हैं और अब अगले चरण का कार्य कर रहे हैं। श्री कैरिग ने कहा कि हम विभिन्न प्रजाति के पौधों के नामों की लिस्ट बना चुके हैं और इसमें अपना सहयोग देंगे। कमिश्नर ने कहा कि अनेक कम्पनियां भी इस कार्य में सहयोग के लिए आगे आ रही हैं। साहित्यकार श्री अशोक जमनानी ने कहा कि कमिश्नर लगातार सकारात्मक दृष्टिकोण लेकर नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन पर कार्य कर रहे हैं।