रेहटी - जब सम्मान ही नही तो पद किस काम का । मैं जनता की सेवा के लिए पार्षद हूं, लाभ नही दिला पाया तो जनता को तो पद पर रहने का क्या औचित्य। यह बात बार्ड क्रमांक १५ के पार्षद दीपक भिलाला ने पत्रकारो से कहते हुए अपना इस्तीफा नगर परिषद और कलेक्टर सीहोर को भेजने की जानकारी दी है। साथ ही इस्तीफे से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी अवगत कराया है ।
नगर परिषद रेहटी के सीएमओ आरडी शर्मा ने कहा कि जब मैं ऑफिस में नही था तब मेरी टेबिल पर इस्तीफे की एक फोटोकॉपी रखी हुई थी। पार्षद स्वयं उपस्थित होकर और औरिजनल इस्तीफे की कॉपी लेकर नगर परिषद नही आए। जब तक पार्षद ओरीजनल इस्तीफे की कॉपी लेकर स्वयं नगर परिषद नही आएंगे तब तक इस्तीफे पर कोई विचार नही किया जाएगा।
यह है मामला -
लंबे समय से नगर परिषद रेहटी में पार्षदो की नाराजगी चली आ रही है। इस नाराजगी ने उस समय उग्र रूप धारण कर लिया। जिस समय रेहटी के बार्ड क्रमांक १५ में बस स्टैंड का लोकार्पण करने सीएम पहुंचे थे। और बार्ड क्रमांक १५ के पार्षद को ही सुरक्षाकर्मियों ने मंच पर नही चडऩे दिया, वीआईपी गेट पर रोक दिया। जबकि मंच से बार-बार पार्षदों का स्वागत के लिए नाम लिया जा रहा था। इस मामले को लेकर दीपक भिलाला बार्ड १५ के पार्षद नाराज हो गए हैं ।
रामसजीवन यादव, मंडल अध्यक्ष सलकनपुर -
पार्टी और संगठन से बडक़र कोई नही है पार्षदों को अध्यक्ष या किसी से शिकातय थी तो पार्टी फोरम पर शिकायत करनी थी। सीधे इस्तीफा देने का कोई औचित्य नही है। पार्टी स्तर पर ही मामला निपटेगा।
सुनिता चौहान, नगर परिषद अध्यक्ष रेहटी -
मंच पर नही चडऩे देने की घटना की जानकारी नही है। ऐसा कोई मामला हुआ था तो मुझे अवगत कराना था या पार्टी के वरिष्ठ नेता को अवगत कराना था।
दीपक भिलाला, पार्षद बार्ड १५ -
बात मान सम्मान और जनता से किए गए वादा निभाने की है। एक समस्या होती तो बर्दाश्त कर लेता। लेकिन बार-बार अपमान अब बर्दाश्त नही होता। बार्ड में विकास नही हुआ, कोई सुनने को तैयार नही। ऐसे में इस्तीफा देना ही सही रास्ता चुना।