होशंगाबाद -   म.प्र. की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल अपने 3 दिवसीय प्रवास पर आज पचमढ़ी पहुंची। पचमढी में प्रथम दिन उन्होंने अनुसूचित जनजाति कन्या आवासीय आश्रम की छात्राओं से आश्रम में भेट की। राज्यपाल ने कन्या आश्रम की लडकियों से कहा कि वे खूब पढ़े लिखें, अच्छा स्वास्थ्य बनाएं और कभी बीमार ना हों। राज्यपाल ने कहा कि सभी लड़कियां खूब हरी सब्जियां भी खाएं उन्होंने आश्रम की अधिक्षिका मनीषा गढ़वाल से पूछा कि उन्होंने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कब कराया था। अधीक्षिका ने बताया कि गत माह ही सभी छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने पूछा कि कितनी लड़कियों में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई है। अधीक्षिका ने बताया कि सभी छात्राएं स्वस्थ हैं।

                 राज्यपाल ने अधीक्षिका को निर्देशित किया कि वे हर माह सभी छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करायें। उन्होंने बताया कि लड़कियां चाहे जो बडी हो छोटी हों उनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 13 प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया को जिले की सभी स्कूली छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्रा में हीमोग्लोबिन की मात्रा 10 प्रतिशत से कम पाई जाए तो उन सभी को डॉक्टर की सलाह पर उचित खान-पान की सलाह दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि माँ कमजोर होती है तो उसका होने वाला बच्चा भी कमजोर होता है।

                राज्यपाल श्रीमती पटेल ने अपने जीवन के अनुभव छात्राओं से साझा करते हुए बताया कि उन्हें जीवन में बहुत कठिनाईयां झेलनी पड़ी। उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से गांव में कृषक परिवार में हुआ था। प्राथमिक शिक्षा के लिए उन्हें गांव से 3 कि.मी. दूर जाना पड़ता था जिस माध्यमिक स्कूल में उनका दाखिला कराया गया वहां 800 लड़कों के बीच वे अकेली लड़की थीं। 11वीं कक्षा की पढ़ाई के लिए उन्हें गांव से प्रतिदिन 8 किमी दूर जाना पड़ता था।

                उन्होंने बताया कि वह कॉलेज की शिक्षा के लिए वे अहमदावाद आर्इं। बी.एस.सी. करने के बाद वे एक स्कूल में शिक्षिका हो गर्इं। 1998 में उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा और शिक्षा मंत्री बनीं। श्रीमती पटेल ने छात्राओं को बताया कि सन् 2001 में गुजरात में जो विनाशकारी भूकंप आया था उस भूकंप में अनेक बच्चों की मृत्यु हो गई थी।  उन बच्चों की स्मृति में विद्या लक्ष्मी योजना की शुरूआत की गई। इस योजना के तहत प्रति वर्ष बच्चों को 2 हजार रूपए की सहायता राशि दी जाती है।

सुकन्या समृद्धि योजना के प्रचार के दिए निर्देश - 

               राज्यपाल ने कन्या आश्रम में कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया को निर्देश दिए कि वे केन्द्र सरकार की जनहितेषी योजना सुकन्या समृद्धि योजना की जानकारी से सभी को अवगत करायें। इस योजना के तहत एक हजार रूपए की राशि बैंक में रखने पर 18 वर्ष बाद उसकी ब्याज राशि से कन्या का विवाह कराया जाता है।

छात्राओं ने कविताएं सुनार्इं - 

               राज्यपाल श्रीमती पटेल को कन्या आश्रम की छात्राओं ने कविताएं भी सुनार्इं। साथ ही छात्राओ ने छत्तीसगढ़ी गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने राज्यपाल के समक्ष सूर्य नमस्कार भी करके दिखाया। आश्रम की कक्षा 7वीं की छात्रा कुमारी लक्ष्मी ने बेटी बचाओ पर तथा कक्षा दूसरी की छात्रा हीरा ने स्वच्छता अभियान पर कविता सुनाई। सभी बच्चों ने म.प्र. गान का गायन भी किया। कार्यक्रम के अवसर पर कक्षा 7वीं की छात्रा दिव्यानी ने राज्यपाल से मांग की कि उनका आवासीय आश्रम कक्षा 1 से कक्षा 8वीं तक संचालित है इसे कक्षा 12वीं तक कर दिया जाए। वहीं कक्षा 7वीं की छात्रा मीना ने राज्यपाल से पूछा कि आप इतने ऊंचे पद पर कैसे पहुंची इसकी जानकारी हम सभी को दी जाए। राज्यपाल ने बताया कि विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी ने कक्षा 12वीं तक आवासी विद्यालय करने का प्रस्ताव भिजवाया है और वे स्वयं इसके लिए विशेष प्रयास करेंगी। उन्होंने बताया कि उनका जीवन काफी कठिनाई भरा था किंतु संघर्ष और हौंसलों से आज उन्होंने यह मुकाम पाया है।

              राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कन्या आश्रम की छात्राओं को फलों की टोकरियां एवं चॉकलेट भेट में दीं। छात्राओं ने राज्यपाल को आदिवासी प्रतीक चिन्ह भेट किया। आदिवासी विकास विभाग ने श्रीमती पटेल को माँ नर्मदा का स्मृति चिन्ह भेट किया। इस अवसर पर पिपरिया विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी, कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद सक्सेना एवं सभी अधिकारीगण मौजूद थे।