रेहटी - महिलाएं अब पुरुषो से पीछे नही है, पुरुषो की बराबरी से कमाई कर अपना जीवन यापन करने में रेहटी के ग्राम नीमखेड़ी की 10 महिलाएं साबुन और वांशिंग पावडर बनाकर मुनाफा कमा रही हैं। इन महिलाओंं ने एक समुह बनाकर साबुन की टिकिया और वाशिंंग पावडर का काम शुरू किया है। जिसका नाम विद्या स्वयं सहायता समुह है।
यह महिलाएं गरीब होने से और साबुन, वाशिंग पावडर बनाने में होने वाले खर्च को वहन नही कर पा रही थी। इसको लेकर अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर गुरूवार को नगर की नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक ने इन महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने के लिए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 1 लाख रूपए का ऋण भी दिया l जो महिला दिवस पर समुह की अध्यक्ष विद्या बाई और सचिव सुमन बाई को बैंक के मैनेजर दीवेंद्र पालसिंह ने सौंपा।
समुह की अध्यक्ष और सचिव ने बताया कि हम इस 1 लाख के ऋण से हमारे व्यवसाय को और आगे बड़ाएंगे। इस ऋण साबुन टिकिया और वाशिंग पावडर बनाकर शासकीय अस्पताल और स्कूलों में बेचे जाएंगे। जो करीब 3 लाख रूपए कीमत का सामान बन सकेगा। जहां हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 लाख के बदले हमें 3 लाख मिलेगा। जिसमें 2 लाख का हमारा मुनाफा होगा। इससे हम समुह की 10 महिलाएं इस मुनाफे से अपना जीवन स्तर ऊंचा कर सकते हैं।
विद्या स्वयं सहायता समुह की अध्यक्ष विद्या बाई ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह भी संदेश दिया कि महिलाएं जो ठान ले वह कर सकती हैं। इसलिए हर महिला को आत्मनिर्भर बनाकर पुरुष से आगे निकलना चाहिए। इस मौके पर सहायक प्रबंधक पीएन लौधी, रामदुलारी गोहिया, नीलिमा, पूनम, आशाराम एवं अधिवक्ता आशिष मंडलोई उपस्थित थे।