होशंगाबाद  -   एम शिक्षा मित्र एप के प्रभावी उपयोग में आ रही कठिनाईयों को दूर करने के लिए जिला पंचायत होशंगाबाद के सभाकक्ष में एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने की। कार्यशाला में कमिश्नर श्री उमराव ने कहा कि छात्र-छात्राओं के हित में और अधिक से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारियों तथा शिक्षकों को एम शिक्षा मित्र के उपयोग के बारे में समझाइश दी जानी चाहिए।

                 उन्होंने बताया कि एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से अनेक सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं। जैसे- इस एप के माध्यम से सभी शालाओं की प्रोफाइल बनाई जा सकती है। नामांकन में भी यह एप मददगार सिद्ध हो सकता है। इस एप के माध्यम से पदस्थ शिक्षक, स्कूल का अमला, स्कूल में मिल रही सुविधाएं, अधोसंरचना विकास, शाला की लोकेशन, शाला में दर्ज विद्यार्थियों की सूची, शाला को राज्य स्तर से प्राप्त राशियां, फण्ड, पे-स्लिप आदि में सहायता ली जा सकती है।

                इस एप के माध्यम से ई-सेवा पुस्तिका, शिक्षकों की विभागीय एवं सेवा संबंधी शिकायतों का पंजीयन, ट्रेकिंग, वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जारी आदेश, सर्कूलर्स, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति तथा छात्रवृत्ति, सायकल वितरण आदि की जानकारी, विद्यार्थियों की आगामी कक्षा में प्रमोशन, अधिकारी एवं कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति आदि का निपटारा किया जा सकता है। श्री सुमनकांत जैन, प्रभारी अधिकारी कार्यालय आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा एम शिक्षा मित्र एप के उपयोग में आने वाली कठिनाईयों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि नि:शुल्क एसएमएस, स्कूल का मैप पर प्रदर्शन, आरटीई ज्ञान पिटारा इत्यादि का समाधान किया जा सकता है।

               कार्यशाला में एप के प्रभावी उपयोग के क्रियान्वयन हेतु चर्चा की गई। इस कार्यशाला में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री एस.के. त्रिपाठी, उपायुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री जे.पी. यादव, बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य, जिला परियोजना समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक उपस्थित रहे।