होशंगाबाद -  नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में होशंगाबाद जिले के 68 ग्रामों में एवं होशंगाबाद शहर में माँ नर्मदा के किनारे प्रकृति रंग उत्सव कार्यक्रम का आयोजन आज धूम-धाम एवं उत्साह से किया गया। रंगपंचमी के पावन पर्व पर आयोजित प्रकृति रंग उत्सव कार्यक्रम में आज माँ नर्मदा के तट क्षेत्र के 68 ग्राम व होशंगाबाद शहर में लगाए गए पौधों की सुरक्षा का संकल्प लिया गया एवं उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की पूजा अर्चना की और पौधों को गुलाल लगाया तथा आजीवन पौधों की देख-रेख एवं सुरक्षा का संकल्प लिया।

               कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव आज बाबई के ग्राम सांगाखेड़ाखुर्द में पहुंचे और उन्होंने माँ नर्मदा से आशीर्वाद लिया तथा इस अवसर पर उन्होंने तुलसी का पौधा रोपित किया। कमिश्नर ने पौधों की पूजा अर्चना की एवं पौधों को गुलाल लगाकर रंगपंचमी का पर्व मनाया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग, बागुड लगाने का संकल्प लिया साथ ही सभी ग्राम वासियों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया कि आने वाले समय में संपूर्ण तटवर्ती क्षेत्र को हराभरा कर दिया जाएगा एवं लगाए गए पौधों की प्राथमिकता से जानवरों से सुरक्षा की जाएगी।

               इस अवसर पर आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कमिश्नर श्री उमराव ने कहा कि हम सब संकल्प लें कि नर्मदा नदी के दोनों किनारों के 200 मीटर क्षेत्र को पुन: वनस्पति से आच्छादित कर देंगें ताकि वनस्पति जागृत हो और जब वर्षा का पानी ऊपर से गिरे तो वह धरती पर चला जाए जिससे जल का लेवल बढ़ जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी आने वाली पीढी की चिंता करें और आने वाली पीढी के लिए हवा पानी एवं वनस्पति बचा कर रखें।

              उन्होंने बताया कि होशंगाबाद जिले में हर वर्ष सवा मीटर वर्षा होती है। वर्षा सभी जगह समान होती है कई जगह जहां वर्षा का जल गिरता है उसकी उपयोगिता नहीं रहती है। भारतीय लोगों की मानसिकता है कि जो चीज फ्री में मिल रहा है उसकी वे कद्र नहीं करते हैं। आने वाले 15 से 20 वर्ष में कई गांव ऐसे रहेंगे जहां लोगों को पीने के लिए पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पाएगा। यदि हम आज पानी की चिंता नहीं करेंगे तो हम यह देखेंगे कि आने वाली पीढी माँ नर्मदा को नहीं देख पाएगी।

            कमिश्नर ने कहा कि यह स्थिति हम आने ना दें और आज ही वृक्ष बचाने का संकल्प लें माँ नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त करने का संकल्प लें। कमिश्नर ने कहा कि हमारे देखते ही देखते कई नदियां जो बहती थीं वे अब सूख कर बहना बंद हो गई हैं। क्षिप्रा, तमस, पलकमति, ताप्ती, कालीसिंध, पूर्णां एवं मोरन एवं गंजाल नदी इसका उदाहरण हैं जो एक बार सूख गई तो दुबारा वहां पानी एकत्रित कभी नहीं हुआ। इसके अलावा इस वर्ष तवा नदी में भी पानी नहीं है।

           प्रकृति रंग उत्सव कार्यक्रम के अवसर पर एसडीएम श्री मनोज उपाध्याय, तहसीलदार श्रीमती शिवानी पाण्डे, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री महेश पालिवाल, नोडल अधिकारी श्री बाके, नर्मदा परिवार के सदस्यगण, सरपंच, सचिव, प्रस्फूटन समिति के सदस्यगण, समाजसेवी एवं अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद थे।