रायपुर - तखतपुर में विधायक राजू सिंह और थानेदार के बीच हुए वाद विवाद मे अब कांग्रेस के कूदने से सियासी पारा चढ़ गया है l पीसीसी छत्तीसगढ़ ने शाम क़रीब चार बजे से ट्विटर पर हैशटेग के ज़रिए अभियान छेड़ा है । है़शटैग के साथ चल रहे ट्विट में लिखा गया है कि यह बीजेपी के अच्छे प्रशासन का उदाहरण है, जहाँ अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है, और वे जो अपनी ड्यूटी गंभीरता और दायित्व के साथ निभाते है उन्हें सज़ा दी जाती है। यह घटना सरकार और राज्य की क़ानून व्यवस्था के लिए काला धब्बा है।
गौरतलब है कि तखतपुर विधायक राजू सिंह क्षत्रिय पर तत्कालीन थानेदार वाय. एन. शर्मा ने दुर्व्यवहार और दबंगई के गंभीर आरोप लगाए थे l जिसका विधायक राजू सिंह ने खंडन करते हुए ख़ुद ही जाँच की माँग की है। विधायक ने आरोपो के संबंध कहा कि चुनावी माय में राजनैतिक षड्यंत्र के तहत इस प्रकार के आरोप लगाए जाते हैं l
इस मामले के बाद तत्कालीन टीआई वाय. एन. शर्मा को प्रशासनिक कारण बताते हुए लाईन हाजिर देने के निर्देश दिए गए l वहीं तत्कालीन थानेदार की ओर से इस पूरे प्रकरण में रोज़नामचा तैयार किया गया है, और पृथक से आवेदन पुलिस कप्तान आरिफ़ शेख़ को सौंपा गया है l जिसकी जाँच एडीशनल एसपी अर्चना झा कर रहीं हैं।
इस प्रकरण मे कांग्रेस ने टीआई को हटाए जाने और मामले मे टीआई के बयान में सीधे तौर पर विधायक का नाम आने के बावजूद अपराध दर्ज नही किए जाने को तंत्र में दबंगई और सत्ता के आतंक से जोड़ दिया है। पीसीसी मीडिया सेल के सदस्य आर. पी. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा जी कहते हैं कि आरोपित विधायक पर कार्यवाही का निर्णय भाजपा लेगी, सुप्रीम कोर्ट कहती है संज्ञेय अपराध की सूचना पर अपराध दर्ज करो, तो गृहमंत्री जी किसे बड़ा मान रहे हैं। वे जिस विभाग के मंत्री है उस विभाग के साथ ही दुर्व्यवहार हो रहा है, और मंत्री बजाय कार्यवाही के स्वयंभू जाँच एजेंसी एक राजनैतिक दल को बना रहे हैं। जबरिया मारे और रोने ना दे यह भाजपा का गुंडा राज ही है, इसलिए इस हैशटैग के साथ इसे चलाया जा रहा है l