नई दिल्ली - अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी ने माननीय मुख्य न्यायमूर्ति सुप्रीमकोर्ट को एक पत्र लिखा है l उन्होंने पत्र में निवेदन करते हुए लिखा है कि रामकोट, अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मस्थान मंदिर दिनांक २३ मार्च १५२८ को मीर बांकी ने बाबर के आदेश से ध्वस्त करने से पूर्व श्री पंच रामानन्दीय निर्मोही अखाड़ा बाबर ने हुक्मनामा भेजा था l निर्मोही अखाड़े के पुजारी श्यामानंद जी का मस्तक काट कर तोप से मंदिर ध्वस्त करने का इतिहास है l 

              दशम गुरु गोविन्दसिंह महाराज द्वारा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मुक्त कर निर्मोही अखाड़े के बाबा वैष्णव दास महाराज को सौंपने का इतिहास रहा है l 24 दिसंबर १९४९ को हिन्दू महासभा आन्दोलन के साथ राम जन्म भूमि मंदिर कलंक मुक्त हुआ l २६ दिसंबर १९४९ कुर्की के साथ श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना, दर्शन एवं उत्सव हो रहे हैं l उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मंदिर का शिलान्यास भी हुआ है l ऐसे न्यायालय संरक्षित मंदिर को बाबर का कलंक लगाकर हजारों-करोड़ों की ठगी हुई है l इसके बाद राष्ट्रद्रोही संगठित हुए l हुर्रियत की स्थापना हुई और कश्मीरी हिन्दुओं की हत्या एवं निष्कासन हुआ l 

             ६ दिसंबर १९९२ को श्री राम जन्म भूमि स्थित मंदिर का विध्वंश हुआ और श्री पंच रामानन्दीय निर्मोही अखाड़े ने इसकी एफआईआर लिखवाकर स्व. श्री जगन्नाथ दास महाराज निर्मोही ने विध्वंश कारियों पर १०० करोड़ की भरपाई का दावा ठोंका है l वहीँ शिलान्यास करने वाली सरकार ने मंदिर विध्वंश पर बाबरी विध्वंश की जाँच सीबीआई  रायबरेली कोर्ट तथा लिब्राहन आयोग गठित कर विवाद को उलझाया है l इसलिए हिन्दू महासभा ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय को १७ जून २००५ तथा ९ जनवरी २००८ को ज्ञापन देकर मंदिर विध्वंशियों और उकसाने वाले नेताओं को राष्ट्रद्रोह में गिरफ्तार करने की मांग की गई थी l 

            अखिल  भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी ने मुख्य न्यायमूर्ति से निवेदन किया है, श्री राम जन्म भूमि मंदिर से सम्बंधित बनाये गए सभी न्यास ट्रस्ट आदि को असंवेधानिक घोषित करके श्री राम जन्मभूमि मंदिर के नाम संग्रहित धन, भूमि, पत्थर, कीमती धातु, रत्न आदि को माननीय सुप्रीमकोर्ट अपनी कस्टडी में लेकर मंदिर का पुनर्निर्माण माननीय रिसीवर की देखरेख में करवाकर मंदिर एवं ६७.७७ एकड़ भूमि का कब्ज़ा श्री पंच रामानन्दीय निर्मोही अखाड़ा रामघाट अयोध्या के कब्जे में लौटाने की कृपा करें l ऐसा करने राजनैतिक और सांप्रदायिक तनाव समाप्त होगा l